बाढ़ के कारण घर-द्वार छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेने वाले बच्चों की पढ़ाई और पोषण को लेकर जिला प्रशासन ने पहल की है। जिला पदाधिकारी विक्रम वीरकर ने जिले के सभी राहत शिविरों में रह रहे बच्चों को सुबह दूध उपलब्ध कराने और शिविर में ही पठन-पाठन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। उन्होंने शिक्षा विभाग को बच्चों की पढ़ाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि बाढ़ के कारण उनकी शिक्षा बाधित नहीं हो। खगड़िया, मानसी, गोगरी और परबत्ता प्रखंड में 40 सामुदायिक किचन संचालित किए जा रहे हैं। इन राहत शिविरों में बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ बड़ी संख्या में बच्चे भी रह रहे हैं। घर से विस्थापित होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए डीएम की ओर से शिविरों में ही उनके लिए पढ़ाई की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया है। डीएम मंगलवार को बालवाही स्थित बापू मध्य विद्यालय पहुंचे। विद्यालय में बाढ़ प्रभावित दर्जनों परिवारों ने शरण ले रखी है और परिसर में सामुदायिक किचन संचालित हो रहा है। डीएम ने राहत शिविर में रह रहे लोगों और बच्चों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। भोजन कर डीएम ने जांची गुणवत्ता सामुदायिक किचन में तैयार भोजन की गुणवत्ता जांचने के लिए डीएम ने बच्चों के साथ बैठकर स्वयं भोजन किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों को बाढ़ प्रभावितों को गर्म और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके बाद डीएम खेल भवन पहुंचे। यहां बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच वितरण के लिए सूखा राशन के पैकेट तैयार किए जा रहे थे। बाढ़ के कारण घर-द्वार छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेने वाले बच्चों की पढ़ाई और पोषण को लेकर जिला प्रशासन ने पहल की है। जिला पदाधिकारी विक्रम वीरकर ने जिले के सभी राहत शिविरों में रह रहे बच्चों को सुबह दूध उपलब्ध कराने और शिविर में ही पठन-पाठन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। उन्होंने शिक्षा विभाग को बच्चों की पढ़ाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि बाढ़ के कारण उनकी शिक्षा बाधित नहीं हो। खगड़िया, मानसी, गोगरी और परबत्ता प्रखंड में 40 सामुदायिक किचन संचालित किए जा रहे हैं। इन राहत शिविरों में बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ बड़ी संख्या में बच्चे भी रह रहे हैं। घर से विस्थापित होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए डीएम की ओर से शिविरों में ही उनके लिए पढ़ाई की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया है। डीएम मंगलवार को बालवाही स्थित बापू मध्य विद्यालय पहुंचे। विद्यालय में बाढ़ प्रभावित दर्जनों परिवारों ने शरण ले रखी है और परिसर में सामुदायिक किचन संचालित हो रहा है। डीएम ने राहत शिविर में रह रहे लोगों और बच्चों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। भोजन कर डीएम ने जांची गुणवत्ता सामुदायिक किचन में तैयार भोजन की गुणवत्ता जांचने के लिए डीएम ने बच्चों के साथ बैठकर स्वयं भोजन किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों को बाढ़ प्रभावितों को गर्म और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके बाद डीएम खेल भवन पहुंचे। यहां बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच वितरण के लिए सूखा राशन के पैकेट तैयार किए जा रहे थे।

