बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भागलपुर में प्रशांत किशोर पर सियासी हमला किया। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नहीं बनाया है। अगर चुनाव लड़ना है, तो चुपचाप मैदान में उतरें और जनता से वोट मांगें। दरअसल, मंगलवार को मिथिलेश तिवारी कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में एनडीए प्रत्याशी डॉ. एनके यादव के समर्थन में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने प्रशांत किशोर को लेकर ये बातें कही। मिथिलेश तिवारी ने साफ किया कि बिहार के मुख्यमंत्री भाजपा और एनडीए के नेता हैं। उन्होंने प्रशांत किशोर को मुख्यमंत्री को लेकर लगातार बयानबाजी करने के बजाय जनता का समर्थन हासिल करने पर ध्यान देने को कहा। मंत्री ने कहा कि चुनाव केवल किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाने या हटाने की लड़ाई नहीं है। यह मतदाताओं के बीच विचारों और राजनीतिक दृष्टिकोण की प्रतिस्पर्धा है। उनका संदेश था कि राजनीति में जनता का विश्वास जीतना सबसे जरूरी है। आठों सीटों पर जीत का दावा, एनडीए को बताया मजबूत कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी माहौल के बीच शिक्षा मंत्री ने बिहार की सभी आठ सीटों पर एनडीए की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि एनडीए के प्रत्याशी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं। हालांकि, कार्यक्रम का आयोजन एनडीए प्रत्याशी डॉ. एनके यादव के पक्ष में किया गया था, लेकिन शिक्षा मंत्री ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधने के साथ ही चुनावी जीत को लेकर भी बड़ा दावा कर दिया। अनंत सिंह प्रकरण पर बोले- पारिवारिक मामला, परिणाम पर असर नहीं अनंत सिंह से जुड़े मामले पर पूछे गए सवालों के जवाब में शिक्षा मंत्री ने इसे पारिवारिक मामला बताया। उनका कहना था कि इस प्रकरण को लेकर चल रही चर्चाओं का चुनाव परिणाम पर असर नहीं पड़ेगा और परिवार के लोग इसे आपस में सुलझा लेंगे।उन्होंने यह भी कहा कि नीरज जी की स्थिति को लेकर थोड़ी असमंजस की बात जरूर सामने आई है, लेकिन वह ठीक हैं। हालांकि, इस संबंध में विस्तृत परिस्थितियों को लेकर उन्होंने अलग से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। TRE-4 पर शिक्षा मंत्री बोले- बीपीएससी को भेज दी गई अधियाचना सियासी हमलों के बीच शिक्षा मंत्री ने शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी अहम जानकारी दी। उन्होंने TRE-4 शिक्षक बहाली को लेकर फैले असमंजस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि रिक्त पदों की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) को भेज दी गई है। पिछले कुछ समय से शिक्षक अभ्यर्थियों के बीच भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। युवाओं को यह चिंता सता रही थी कि शिक्षक बहाली में देरी होगी या प्रक्रिया आगे बढ़ेगी भी अथवा नहीं। शिक्षा मंत्री के अनुसार, विभाग की ओर से अधियाचना भेजे जाने के बाद भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। इस घोषणा से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से शिक्षक भर्ती की तैयारी में जुटे हैं। हालांकि, रिक्तियों की कुल संख्या, विषयवार पदों और परीक्षा की तारीख जैसी जानकारियों के लिए बीपीएससी की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना होगा। हर साल 20 हजार शिक्षकों की बहाली का लक्ष्य शिक्षा मंत्री ने राज्य में रोजगार और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर साल लगभग 20 हजार शिक्षकों की बहाली के लक्ष्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने और विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि इस लक्ष्य के अनुरूप नियमित रूप से बहाली होती है, तो शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं को हर साल अवसर मिल सकता है। साथ ही विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। TRE-4 की अधियाचना भेजे जाने का दावा ऐसे समय आया है, जब शिक्षक अभ्यर्थी भर्ती की अगली प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी चाहते हैं। अब उनकी नजर बीपीएससी की आधिकारिक घोषणा और भर्ती के अगले चरण पर रहेगी। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भागलपुर में प्रशांत किशोर पर सियासी हमला किया। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नहीं बनाया है। अगर चुनाव लड़ना है, तो चुपचाप मैदान में उतरें और जनता से वोट मांगें। दरअसल, मंगलवार को मिथिलेश तिवारी कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में एनडीए प्रत्याशी डॉ. एनके यादव के समर्थन में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने प्रशांत किशोर को लेकर ये बातें कही। मिथिलेश तिवारी ने साफ किया कि बिहार के मुख्यमंत्री भाजपा और एनडीए के नेता हैं। उन्होंने प्रशांत किशोर को मुख्यमंत्री को लेकर लगातार बयानबाजी करने के बजाय जनता का समर्थन हासिल करने पर ध्यान देने को कहा। मंत्री ने कहा कि चुनाव केवल किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाने या हटाने की लड़ाई नहीं है। यह मतदाताओं के बीच विचारों और राजनीतिक दृष्टिकोण की प्रतिस्पर्धा है। उनका संदेश था कि राजनीति में जनता का विश्वास जीतना सबसे जरूरी है। आठों सीटों पर जीत का दावा, एनडीए को बताया मजबूत कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी माहौल के बीच शिक्षा मंत्री ने बिहार की सभी आठ सीटों पर एनडीए की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि एनडीए के प्रत्याशी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं। हालांकि, कार्यक्रम का आयोजन एनडीए प्रत्याशी डॉ. एनके यादव के पक्ष में किया गया था, लेकिन शिक्षा मंत्री ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधने के साथ ही चुनावी जीत को लेकर भी बड़ा दावा कर दिया। अनंत सिंह प्रकरण पर बोले- पारिवारिक मामला, परिणाम पर असर नहीं अनंत सिंह से जुड़े मामले पर पूछे गए सवालों के जवाब में शिक्षा मंत्री ने इसे पारिवारिक मामला बताया। उनका कहना था कि इस प्रकरण को लेकर चल रही चर्चाओं का चुनाव परिणाम पर असर नहीं पड़ेगा और परिवार के लोग इसे आपस में सुलझा लेंगे।उन्होंने यह भी कहा कि नीरज जी की स्थिति को लेकर थोड़ी असमंजस की बात जरूर सामने आई है, लेकिन वह ठीक हैं। हालांकि, इस संबंध में विस्तृत परिस्थितियों को लेकर उन्होंने अलग से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। TRE-4 पर शिक्षा मंत्री बोले- बीपीएससी को भेज दी गई अधियाचना सियासी हमलों के बीच शिक्षा मंत्री ने शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी अहम जानकारी दी। उन्होंने TRE-4 शिक्षक बहाली को लेकर फैले असमंजस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि रिक्त पदों की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) को भेज दी गई है। पिछले कुछ समय से शिक्षक अभ्यर्थियों के बीच भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। युवाओं को यह चिंता सता रही थी कि शिक्षक बहाली में देरी होगी या प्रक्रिया आगे बढ़ेगी भी अथवा नहीं। शिक्षा मंत्री के अनुसार, विभाग की ओर से अधियाचना भेजे जाने के बाद भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। इस घोषणा से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से शिक्षक भर्ती की तैयारी में जुटे हैं। हालांकि, रिक्तियों की कुल संख्या, विषयवार पदों और परीक्षा की तारीख जैसी जानकारियों के लिए बीपीएससी की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना होगा। हर साल 20 हजार शिक्षकों की बहाली का लक्ष्य शिक्षा मंत्री ने राज्य में रोजगार और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर साल लगभग 20 हजार शिक्षकों की बहाली के लक्ष्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने और विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि इस लक्ष्य के अनुरूप नियमित रूप से बहाली होती है, तो शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं को हर साल अवसर मिल सकता है। साथ ही विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। TRE-4 की अधियाचना भेजे जाने का दावा ऐसे समय आया है, जब शिक्षक अभ्यर्थी भर्ती की अगली प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी चाहते हैं। अब उनकी नजर बीपीएससी की आधिकारिक घोषणा और भर्ती के अगले चरण पर रहेगी।

