शिक्षक कमर तक पानी पार कर स्कूल पहुंच रहे:सहरसा में टीन की छत के नीचे 202 बच्चों की पढ़ाई

शिक्षक कमर तक पानी पार कर स्कूल पहुंच रहे:सहरसा में टीन की छत के नीचे 202 बच्चों की पढ़ाई

सहरसा के महिषी प्रखंड स्थित एनपीएस कुंदह में शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति सामने आई है। यहां शिक्षक रोजाना कमर तक पानी पार कर स्कूल पहुंचते हैं, जबकि 202 बच्चे टीन की छत के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्कूल चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है, जिससे शिक्षकों और छात्रों दोनों को परेशानी हो रही है। स्कूल तक पहुंचने का मुख्य रास्ता पूरी तरह पानी में डूबा है। दूर-दराज से आने वाले शिक्षकों को पानी के बीच से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। छत से पानी टपकने से पढ़ाई प्रभावित इस स्थिति के कारण पूर्व में पदस्थापित दो प्रधानाध्यापकों ने विद्यालय में योगदान तक नहीं किया। वर्तमान में प्रभारी प्रधानाध्यापिका प्रेमलता देवी के नेतृत्व में छह शिक्षक किसी तरह विद्यालय का संचालन कर रहे हैं। कक्षा एक से पांच तक संचालित इस विद्यालय में 202 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन इसके पास अपना कोई पक्का भवन नहीं है। बच्चे टीन शेड के नीचे दरी पर बैठकर पढ़ते हैं। बारिश के दौरान टीन की छत से पानी टपकने से पढ़ाई बाधित होती है। मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन इसके अतिरिक्त, विद्यालय में बिजली की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है, जिससे गर्मी और उमस में बच्चों को बिना पंखे के पढ़ना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों और शिक्षकों ने कई बार शिक्षा विभाग को लिखित आवेदन देकर विद्यालय की इस दयनीय स्थिति से अवगत कराया है। हालांकि, अब तक विद्यालय को किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने या कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी रोहित रोशन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की बात कही है। सहरसा के महिषी प्रखंड स्थित एनपीएस कुंदह में शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति सामने आई है। यहां शिक्षक रोजाना कमर तक पानी पार कर स्कूल पहुंचते हैं, जबकि 202 बच्चे टीन की छत के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्कूल चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है, जिससे शिक्षकों और छात्रों दोनों को परेशानी हो रही है। स्कूल तक पहुंचने का मुख्य रास्ता पूरी तरह पानी में डूबा है। दूर-दराज से आने वाले शिक्षकों को पानी के बीच से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। छत से पानी टपकने से पढ़ाई प्रभावित इस स्थिति के कारण पूर्व में पदस्थापित दो प्रधानाध्यापकों ने विद्यालय में योगदान तक नहीं किया। वर्तमान में प्रभारी प्रधानाध्यापिका प्रेमलता देवी के नेतृत्व में छह शिक्षक किसी तरह विद्यालय का संचालन कर रहे हैं। कक्षा एक से पांच तक संचालित इस विद्यालय में 202 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन इसके पास अपना कोई पक्का भवन नहीं है। बच्चे टीन शेड के नीचे दरी पर बैठकर पढ़ते हैं। बारिश के दौरान टीन की छत से पानी टपकने से पढ़ाई बाधित होती है। मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन इसके अतिरिक्त, विद्यालय में बिजली की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है, जिससे गर्मी और उमस में बच्चों को बिना पंखे के पढ़ना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों और शिक्षकों ने कई बार शिक्षा विभाग को लिखित आवेदन देकर विद्यालय की इस दयनीय स्थिति से अवगत कराया है। हालांकि, अब तक विद्यालय को किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने या कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी रोहित रोशन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की बात कही है।  

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शिक्षक कमर तक पानी पार कर स्कूल पहुंच रहे:सहरसा में टीन की छत के नीचे 202 बच्चों की पढ़ाई

शिक्षक कमर तक पानी पार कर स्कूल पहुंच रहे:सहरसा में टीन की छत के नीचे 202 बच्चों की पढ़ाई

सहरसा के महिषी प्रखंड स्थित एनपीएस कुंदह में शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति सामने आई है। यहां शिक्षक रोजाना कमर तक पानी पार कर स्कूल पहुंचते हैं, जबकि 202 बच्चे टीन की छत के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्कूल चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है, जिससे शिक्षकों और छात्रों दोनों को परेशानी हो रही है। स्कूल तक पहुंचने का मुख्य रास्ता पूरी तरह पानी में डूबा है। दूर-दराज से आने वाले शिक्षकों को पानी के बीच से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। छत से पानी टपकने से पढ़ाई प्रभावित इस स्थिति के कारण पूर्व में पदस्थापित दो प्रधानाध्यापकों ने विद्यालय में योगदान तक नहीं किया। वर्तमान में प्रभारी प्रधानाध्यापिका प्रेमलता देवी के नेतृत्व में छह शिक्षक किसी तरह विद्यालय का संचालन कर रहे हैं। कक्षा एक से पांच तक संचालित इस विद्यालय में 202 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन इसके पास अपना कोई पक्का भवन नहीं है। बच्चे टीन शेड के नीचे दरी पर बैठकर पढ़ते हैं। बारिश के दौरान टीन की छत से पानी टपकने से पढ़ाई बाधित होती है। मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन इसके अतिरिक्त, विद्यालय में बिजली की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है, जिससे गर्मी और उमस में बच्चों को बिना पंखे के पढ़ना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों और शिक्षकों ने कई बार शिक्षा विभाग को लिखित आवेदन देकर विद्यालय की इस दयनीय स्थिति से अवगत कराया है। हालांकि, अब तक विद्यालय को किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने या कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी रोहित रोशन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की बात कही है। सहरसा के महिषी प्रखंड स्थित एनपीएस कुंदह में शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति सामने आई है। यहां शिक्षक रोजाना कमर तक पानी पार कर स्कूल पहुंचते हैं, जबकि 202 बच्चे टीन की छत के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्कूल चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है, जिससे शिक्षकों और छात्रों दोनों को परेशानी हो रही है। स्कूल तक पहुंचने का मुख्य रास्ता पूरी तरह पानी में डूबा है। दूर-दराज से आने वाले शिक्षकों को पानी के बीच से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। छत से पानी टपकने से पढ़ाई प्रभावित इस स्थिति के कारण पूर्व में पदस्थापित दो प्रधानाध्यापकों ने विद्यालय में योगदान तक नहीं किया। वर्तमान में प्रभारी प्रधानाध्यापिका प्रेमलता देवी के नेतृत्व में छह शिक्षक किसी तरह विद्यालय का संचालन कर रहे हैं। कक्षा एक से पांच तक संचालित इस विद्यालय में 202 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन इसके पास अपना कोई पक्का भवन नहीं है। बच्चे टीन शेड के नीचे दरी पर बैठकर पढ़ते हैं। बारिश के दौरान टीन की छत से पानी टपकने से पढ़ाई बाधित होती है। मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन इसके अतिरिक्त, विद्यालय में बिजली की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है, जिससे गर्मी और उमस में बच्चों को बिना पंखे के पढ़ना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों और शिक्षकों ने कई बार शिक्षा विभाग को लिखित आवेदन देकर विद्यालय की इस दयनीय स्थिति से अवगत कराया है। हालांकि, अब तक विद्यालय को किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने या कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी रोहित रोशन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की बात कही है।  

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