शामली में टेंपो चालकों ने शुक्रवार को 2 बजे अपनी समस्याओं को लेकर आरटीओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। चालकों ने विभागीय कार्रवाई को उत्पीड़न बताते हुए कहा कि टेंपो चलाकर वे अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, लेकिन कार्रवाई के कारण उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे और आंदोलन तेज करेंगे। टेंपो चालकों का आरोप है कि वे नियमों के अनुसार वाहन चलाते हैं, इसके बावजूद उनके टेंपो पकड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस चालकों के कहने पर भी उनके वाहनों का संचालन नहीं होने दिया जा रहा है। कार्रवाई के कारण उनकी कमाई प्रभावित हो रही है और टेंपो की किस्त जमा करना भी मुश्किल हो गया है। इसी के विरोध में जिलेभर के टेंपो चालक अपने वाहन लेकर आरटीओ कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। चालकों ने कहा कि वे टेंपो चलाकर परिवार का खर्च उठाते हैं। ऐसे में लगातार कार्रवाई होने से उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। उन्होंने विभाग से समस्याओं का समाधान करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो वे काम बंद कर आंदोलन करेंगे। पीछे की सीट हटाने के दिए निर्देश वहीं, आरटीओ प्रवेश कुमार ने टेंपो चालकों के उत्पीड़न के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी टेंपो चालकों के साथ बैठक की जा चुकी है। टेंपो में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने से हादसों का खतरा बना रहता है। चालकों को पीछे की ओर सवारियां बैठाने से मना किया गया है। एआरटीओ के अनुसार, शुक्रवार को भी चालकों को टेंपो में पीछे लगी सीट हटाने के निर्देश दिए गए, ताकि उस पर बैठकर सवारियां सफर न कर सकें। विभाग की ओर से यह कदम सुरक्षा और निर्धारित क्षमता के पालन को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

