मैनपुरी में आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर एक महिला अभ्यर्थी ने शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे जिलाधिकारी से शिकायत की। महिला ने चयनित अभ्यर्थी पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए नियुक्ति हासिल करने का आरोप लगाया है। उसने चयनित अभ्यर्थी के निवास, आय प्रमाण पत्र और आधार कार्ड की जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि भर्ती में नियमों की अनदेखी कर अपात्र अभ्यर्थी का चयन किया गया, जबकि पात्र अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिला। मैनपुरी शहर क्षेत्र की भर्ती पर उठाए सवाल बेवर के पुराना बाजार निवासी गोल्डी पत्नी अजय शर्मा ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वर्ष 2026 में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से मैनपुरी शहर क्षेत्र में आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई थी। इसमें बेवर के मोहल्ला बहमनान निवासी शिवानी सक्सेना का चयन हुआ है। शिकायतकर्ता ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है। निवास और आय प्रमाण पत्र पर संदेह गोल्डी का आरोप है कि चयनित अभ्यर्थी ने भर्ती में कथित तौर पर फर्जी निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और आधार कार्ड का इस्तेमाल कर विभाग को गुमराह किया। उसने वार्ड संख्या 13 के सभासद पर चयनित अभ्यर्थी को गलत तरीके से स्थायी निवासी दर्शाने का आरोप लगाया है। साथ ही बेवर के लेखपाल की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं होने का आरोप शिकायतकर्ता का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाती और दस्तावेजों की सही तरीके से जांच होती तो कथित अनियमितताओं का पता चल सकता था। गोल्डी के मुताबिक, निर्धारित मानकों के अनुसार आवेदन करने वाले पात्र अभ्यर्थियों को चयन का अवसर मिलना चाहिए। उसने आरोप लगाया कि कथित अनियमित नियुक्ति से योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है। स्थानीय अधिकारियों से शिकायत का दावा गोल्डी का आरोप है कि उसने इस मामले से स्थानीय अधिकारियों को भी अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप करने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों का पता लगाया जाना चाहिए। दस्तावेजों की उच्चस्तरीय जांच की मांग महिला ने जिलाधिकारी से चयनित अभ्यर्थी के सभी संबंधित दस्तावेजों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उसने कहा कि जांच में यदि दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं या किसी अधिकारी की भूमिका सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। पात्र अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग गोल्डी ने मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और पात्रता मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। यदि जांच में अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई कर पात्र अभ्यर्थियों को न्याय दिलाया जाए। फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों पर संबंधित विभाग और चयनित अभ्यर्थी का पक्ष सामने नहीं आया है।

