बांदा पुलिस ने उमेश वर्मा उर्फ बंदर (25) की हत्या का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, शराब के नशे में गांव के बाहर से गुजर रहे उमेश को दो युवकों ने चोर समझ लिया था। इसके बाद दोनों उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर गांव के बाहर ले गए और डंडे व अधजली लकड़ी से पीटा। मारपीट में उमेश की मौत हो गई। आरोपियों ने शव को नहर के पास छोड़ दिया था। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा फरार है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अंकित उर्फ अंकुल ने पूछताछ में बताया कि 12 और 13 सितंबर की रात वह अपने साथी पवन उर्फ बल्ला के साथ गांव के बाहर पुलिया के पास बैठा था। दोनों ने शराब पी थी और नॉनवेज खाया था। इसी दौरान उमेश वहां से पैदल गुजर रहा था।
अंकित ने बताया कि वह और पवन उमेश को पहले से नहीं जानते थे। उन्हें उस पर चोर होने का शक हुआ। इसी बात को लेकर उमेश से पूछताछ की गई और विवाद बढ़ गया। इसके बाद दोनों उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर गांव के बाहर ले गए। वहां दोनों ने उमेश की डंडे और अधजली लकड़ी से पिटाई की। अंकित के मुताबिक, उसे अंदाजा नहीं था कि मारपीट में उमेश की मौत हो जाएगी। उमेश की मौत के बाद दोनों उसका शव नहर के पास छोड़कर फरार हो गए। तालाब किनारे मिला था शव उमेश का शव 13 सितंबर को ग्राम छापर के पास तालाब किनारे मिला था। इसके बाद तिंदवारी थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। एसपी पलाश बंसल ने घटना के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई थीं। जांच में ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की भी मदद ली गई।
जांच के दौरान 16 सितंबर को तिंदवारी थाना पुलिस और एसओजी की टीम ने ग्राम जसईपुर मोड़ से अंकित उर्फ अंकुल पुत्र रामसेवक निवासी माटा, थाना तिंदवारी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए दो डंडे, अधजली लकड़ी और मोटरसाइकिल बरामद की है। इसके अलावा उमेश के जूते और आरोपी के कपड़े भी बरामद हुए हैं। मामले में दूसरा आरोपी पवन उर्फ बल्ला पुत्र रामप्रकाश निवासी माटा फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

