शकुंतला विश्वविद्यालय में ABVP के विरोध में दिव्यांगों का हंगामा:3 थानों की पुलिस और पीएसी तैनात; आरोप- कार्यक्रम में प्रवेश नहीं दिया

शकुंतला विश्वविद्यालय में ABVP के विरोध में दिव्यांगों का हंगामा:3 थानों की पुलिस और पीएसी तैनात; आरोप- कार्यक्रम में प्रवेश नहीं दिया

डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का विरोध हो गया। सैकड़ों दिव्यांग छात्र-छात्राओं ने यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में घुसने लगे। उन्हें पुलिस ने बाहर ही रोक दिया। आरोप है कि यहीं पर ABVP ने फार्मा विजन कार्यक्रम आयोजित किया, जबकि उन्हें यूनिवर्सिटी ने बैन कर रखा है। दिव्यांग छात्रों को जैसे ही पुलिस ने ऑडिटोरियम के बाहर रोका तो छात्र उग्र हो गए। उनका कहना था कि अगर यूनिवर्सिटी का कार्यक्रम है तो उन्हें अंदर दिया जाए। अगर ABVP का कार्यक्रम है तो उन्हें रोका जाए। छात्रों के उग्र होने की सूचना पर 3 थानों की पुलिस और एक कंपनी पीएसी यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंच गई। छात्रों को समझाने की कोशिश जारी है। 2 तस्वीरें देखिए- कार्यक्रम में घुसने नहीं दिया, मारपीट भी की दिव्यांग छात्र राकेश मलिक, भक्ति गर्ग समेत अन्य विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने ABVP को प्रतिबंधित किया हुआ है। इसके बावजूद संगठन की ओर से विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्रों का आरोप है कि कार्यक्रम के बैनर में विश्वविद्यालय का लोगो नहीं लगाया गया था और केवल ABVP का लोगो था। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में दिव्यांग विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट भी की गई। इसको लेकर छात्रों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में विद्यार्थी ऑडिटोरियम के बाहर एकत्रित हो गए। पुलिस ने छात्रों को समझाने की कोशिश की स्थिति को देखते हुए पुलिस के अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, छात्र कार्यक्रम बंद कराने और मारपीट की जांच की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने छात्रों की घेराबंदी कर उन्हें एक स्थान पर रोक दिया। इस दौरान छात्रों ने पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के चलते विश्वविद्यालय के गेट पर रात 10 बजे तक काफी देर तक गहमागहमी का माहौल रहा। किसी तरह उन्हें गेट के अंदर किया गया।

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