औरंगाबाद समाहरणालय स्थिति योजना भवन के सभा कक्ष में शनिवार को जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता बिहार सरकार की पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मंत्री सह औरंगाबाद की प्रभारी मंत्री रमा निषाद ने की। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की जानकारी दी गई। बताया गया कि जिले में 305 स्वास्थ्य उपकेंद्र, 64 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तीन रेफरल अस्पताल, एक जिला अस्पताल और एक अनुमंडलीय अस्पताल संचालित हैं। इसके अलावा एक एएनएम प्रशिक्षण विद्यालय भी चल रहा है। जिला अस्पताल में 424 प्रकार की दवाओं की उपलब्धता दर्ज की गई। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं और सुविधाओं की उपलब्धता करने का निर्देश दिया। लक्ष्य के 95.06 प्रतिशत में हुई है धान की खेती कृषि विभाग की समीक्षा में बताया गया कि खरीफ 2026-27 में धान आच्छादन का लक्ष्य 1.76 लाख हेक्टेयर निर्धारित था। इसके विरुद्ध 1,67,309.23 हेक्टेयर में धान की खेती हुई, जो 95.06 प्रतिशत उपलब्धि है। 22 सितंबर तक यूरिया की उपलब्धता लक्ष्य की तुलना में 121.21 प्रतिशत रही। डीएपी की उपलब्धता 83.245, एनपीके 99.98, एसएसपी 408.71 और एमओपी 45.37 प्रतिशत रही। अत्यधिक बारिश और नदियों के जलस्तर में वृद्धि से 3,939 हेक्टेयर क्षेत्र में 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति का आकलन किया गया है। इसकी अनुमानित राशि 6.6963 करोड़ रुपए है। प्रभारी मंत्री ने किसानों को उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता और फसल क्षति की सहायता समय पर देने का निर्देश दिया। शिक्षा विभाग ने बताया कि नौ नवसृजित प्राथमिक विद्यालयों के भवन और 10 विद्यालयों में 20 वर्गकक्ष निर्माण की स्वीकृति मिली है। 78 विद्यालयों में पीसीबी लैब की स्थापना प्रस्तावित है। जिले में 16 पीएम श्री माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। 2807 वार्डो में चल रहा नल जल का कार्य लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले के 2,807 वार्डों में हर घर नल का जल योजना के तहत कार्य कराया जा रहा है। इनमें 660 वार्डों में पीएचईडी और 2,147 वार्डों में पंचायती राज विभाग के माध्यम से काम कराया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 2,411 बंद चापाकलों की सामान्य मरम्मत कराकर उन्हें चालू कराया गया है। पीएचईडी की ओर से निर्मित कुल 12,936 चापाकल जिले में हैं। नए चापाकल निर्माण के 29 के लक्ष्य के विरुद्ध सभी 29 चापाकल बनाए जा चुके हैं। ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा में बताया गया कि विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 1,296 योजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें 930 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 350 योजनाओं पर कार्य चल रहा है। सड़क-पुल परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की संपर्कता मजबूत करने का कार्य जारी है। इसी प्रकार पशुपालन विभाग ने बताया कि अगस्त माह तक पशु चिकित्सालयों में 55,110 पशुओं का उपचार किया गया। कृत्रिम गर्भाधान के तहत 4,500 पशुओं को लाभ मिला। एफएमडी राउंड-सात टीकाकरण के लिए 5,95,600 का लक्ष्य रखा गया है। पशु चिकित्सालयों में 44 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। श्रमिकों, पेंशनधारियों और दिव्यांगों को मिल रहे लाभ की समीक्षा श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की समीक्षा में बताया गया कि बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार-शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत प्राप्त 189 आवेदनों में 144 का निष्पादन किया गया है। बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना के सभी आठ आवेदनों का निष्पादन हो चुका है। ई-श्रम के तहत जिले में 8,12,595 असंगठित श्रमिक पंजीकृत हैं। वहीं. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में 1,12,394 निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं।
मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना में 1,84,622 हैं लाभार्थी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में लाभुकों को पेंशन मिलने की जानकारी दी गई। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में 63,926 और मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना में 1,84,622 लाभार्थी हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 7,897, राष्ट्रीय नि:शक्तता पेंशन योजना के 1,806, बिहार राज्य नि:शक्तता पेंशन योजना के 29,186 और लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 29,382 लाभार्थियों को लाभ मिल रहा है। दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग ने बताया कि अब तक 12,016 यूडीआईडी कार्ड जारी किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1,273 कार्ड जारी किए गए हैं। इसके अलावा 1,513 बैटरी चालित ट्राइसाइकिल तथा 254 कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
दाखिल-खारिज के 3,006 मामले लंबित, समयबद्ध निष्पादन का निर्देश राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा बैठक में ऑनलाइन दाखिल-खारिज मामलों पर विशेष चर्चा हुई। 24 सितंबर 2026 तक जिले में कुल 16,846 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 13,840 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। कुल निष्पादन उपलब्धि 82.2 प्रतिशत रही। अभी 3,006 मामले लंबित हैं। इनमें 2,189 मामले 35 दिनों तक, 424 मामले 35 से 75 दिनों के बीच, 366 मामले 75 से 120 दिनों के बीच और 27 मामले 120 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। प्रभारी मंत्री ने सभी अंचल अधिकारियों को दाखिल-खारिज, परिमार्जन और अन्य राजस्व मामलों का समयबद्ध निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को राजस्व सेवाएं पारदर्शी और सुगम तरीके से उपलब्ध होनी चाहिए। वहीं उद्योग विभाग की समीक्षा में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत 239 के लक्ष्य के विरुद्ध 226 आवेदन प्राप्त होने की जानकारी दी गई। इनमें 34 आवेदन स्वीकृत और 20 मामलों में ऋण वितरण हुआ है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 380 लाभार्थियों का कौशल सत्यापन एवं आधारभूत प्रशिक्षण पूरा हुआ है। 190 लाभार्थियों का ऋण स्वीकृत और 173 को ऋण वितरित किया गया है।
अमृत-2.0 के तहत 196 किमी सीवरेज नेटवर्क, जनप्रतिनिधियों ने रखीं समस्याएं नगर विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा में औरंगाबाद नगर परिषद में अमृत-2.0 के तहत चल रही सीवरेज परियोजना की जानकारी दी गई। 20 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवरेज नेटवर्क के लिए 196 किलोमीटर नेटवर्क, छह इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन और दो लिफ्टिंग पंपिंग स्टेशन का प्रावधान है। पाइप बिछाने समेत अन्य कार्य प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के तहत वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 16 योजनाओं में 12 का कार्य आवंटित किया गया है और नौ योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। वर्ष 2025-26 में स्वीकृत 19 योजनाओं में 15 योजनाओं का कार्य आवंटित है और नौ योजनाएं प्रगतिशील हैं। बैठक में समिति के सदस्यों और जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं और जनहित के मुद्दों को प्रभारी मंत्री के समक्ष रखा। मंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं का शीघ्र समाधान करने का निर्देश दिया। औरंगाबाद समाहरणालय स्थिति योजना भवन के सभा कक्ष में शनिवार को जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता बिहार सरकार की पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मंत्री सह औरंगाबाद की प्रभारी मंत्री रमा निषाद ने की। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की जानकारी दी गई। बताया गया कि जिले में 305 स्वास्थ्य उपकेंद्र, 64 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तीन रेफरल अस्पताल, एक जिला अस्पताल और एक अनुमंडलीय अस्पताल संचालित हैं। इसके अलावा एक एएनएम प्रशिक्षण विद्यालय भी चल रहा है। जिला अस्पताल में 424 प्रकार की दवाओं की उपलब्धता दर्ज की गई। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं और सुविधाओं की उपलब्धता करने का निर्देश दिया। लक्ष्य के 95.06 प्रतिशत में हुई है धान की खेती कृषि विभाग की समीक्षा में बताया गया कि खरीफ 2026-27 में धान आच्छादन का लक्ष्य 1.76 लाख हेक्टेयर निर्धारित था। इसके विरुद्ध 1,67,309.23 हेक्टेयर में धान की खेती हुई, जो 95.06 प्रतिशत उपलब्धि है। 22 सितंबर तक यूरिया की उपलब्धता लक्ष्य की तुलना में 121.21 प्रतिशत रही। डीएपी की उपलब्धता 83.245, एनपीके 99.98, एसएसपी 408.71 और एमओपी 45.37 प्रतिशत रही। अत्यधिक बारिश और नदियों के जलस्तर में वृद्धि से 3,939 हेक्टेयर क्षेत्र में 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति का आकलन किया गया है। इसकी अनुमानित राशि 6.6963 करोड़ रुपए है। प्रभारी मंत्री ने किसानों को उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता और फसल क्षति की सहायता समय पर देने का निर्देश दिया। शिक्षा विभाग ने बताया कि नौ नवसृजित प्राथमिक विद्यालयों के भवन और 10 विद्यालयों में 20 वर्गकक्ष निर्माण की स्वीकृति मिली है। 78 विद्यालयों में पीसीबी लैब की स्थापना प्रस्तावित है। जिले में 16 पीएम श्री माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। 2807 वार्डो में चल रहा नल जल का कार्य लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले के 2,807 वार्डों में हर घर नल का जल योजना के तहत कार्य कराया जा रहा है। इनमें 660 वार्डों में पीएचईडी और 2,147 वार्डों में पंचायती राज विभाग के माध्यम से काम कराया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 2,411 बंद चापाकलों की सामान्य मरम्मत कराकर उन्हें चालू कराया गया है। पीएचईडी की ओर से निर्मित कुल 12,936 चापाकल जिले में हैं। नए चापाकल निर्माण के 29 के लक्ष्य के विरुद्ध सभी 29 चापाकल बनाए जा चुके हैं। ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा में बताया गया कि विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 1,296 योजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें 930 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 350 योजनाओं पर कार्य चल रहा है। सड़क-पुल परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की संपर्कता मजबूत करने का कार्य जारी है। इसी प्रकार पशुपालन विभाग ने बताया कि अगस्त माह तक पशु चिकित्सालयों में 55,110 पशुओं का उपचार किया गया। कृत्रिम गर्भाधान के तहत 4,500 पशुओं को लाभ मिला। एफएमडी राउंड-सात टीकाकरण के लिए 5,95,600 का लक्ष्य रखा गया है। पशु चिकित्सालयों में 44 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। श्रमिकों, पेंशनधारियों और दिव्यांगों को मिल रहे लाभ की समीक्षा श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की समीक्षा में बताया गया कि बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार-शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत प्राप्त 189 आवेदनों में 144 का निष्पादन किया गया है। बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना के सभी आठ आवेदनों का निष्पादन हो चुका है। ई-श्रम के तहत जिले में 8,12,595 असंगठित श्रमिक पंजीकृत हैं। वहीं. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में 1,12,394 निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं।
मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना में 1,84,622 हैं लाभार्थी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में लाभुकों को पेंशन मिलने की जानकारी दी गई। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में 63,926 और मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना में 1,84,622 लाभार्थी हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 7,897, राष्ट्रीय नि:शक्तता पेंशन योजना के 1,806, बिहार राज्य नि:शक्तता पेंशन योजना के 29,186 और लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 29,382 लाभार्थियों को लाभ मिल रहा है। दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग ने बताया कि अब तक 12,016 यूडीआईडी कार्ड जारी किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1,273 कार्ड जारी किए गए हैं। इसके अलावा 1,513 बैटरी चालित ट्राइसाइकिल तथा 254 कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
दाखिल-खारिज के 3,006 मामले लंबित, समयबद्ध निष्पादन का निर्देश राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा बैठक में ऑनलाइन दाखिल-खारिज मामलों पर विशेष चर्चा हुई। 24 सितंबर 2026 तक जिले में कुल 16,846 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 13,840 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। कुल निष्पादन उपलब्धि 82.2 प्रतिशत रही। अभी 3,006 मामले लंबित हैं। इनमें 2,189 मामले 35 दिनों तक, 424 मामले 35 से 75 दिनों के बीच, 366 मामले 75 से 120 दिनों के बीच और 27 मामले 120 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। प्रभारी मंत्री ने सभी अंचल अधिकारियों को दाखिल-खारिज, परिमार्जन और अन्य राजस्व मामलों का समयबद्ध निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को राजस्व सेवाएं पारदर्शी और सुगम तरीके से उपलब्ध होनी चाहिए। वहीं उद्योग विभाग की समीक्षा में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत 239 के लक्ष्य के विरुद्ध 226 आवेदन प्राप्त होने की जानकारी दी गई। इनमें 34 आवेदन स्वीकृत और 20 मामलों में ऋण वितरण हुआ है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 380 लाभार्थियों का कौशल सत्यापन एवं आधारभूत प्रशिक्षण पूरा हुआ है। 190 लाभार्थियों का ऋण स्वीकृत और 173 को ऋण वितरित किया गया है।
अमृत-2.0 के तहत 196 किमी सीवरेज नेटवर्क, जनप्रतिनिधियों ने रखीं समस्याएं नगर विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा में औरंगाबाद नगर परिषद में अमृत-2.0 के तहत चल रही सीवरेज परियोजना की जानकारी दी गई। 20 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवरेज नेटवर्क के लिए 196 किलोमीटर नेटवर्क, छह इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन और दो लिफ्टिंग पंपिंग स्टेशन का प्रावधान है। पाइप बिछाने समेत अन्य कार्य प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के तहत वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 16 योजनाओं में 12 का कार्य आवंटित किया गया है और नौ योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। वर्ष 2025-26 में स्वीकृत 19 योजनाओं में 15 योजनाओं का कार्य आवंटित है और नौ योजनाएं प्रगतिशील हैं। बैठक में समिति के सदस्यों और जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं और जनहित के मुद्दों को प्रभारी मंत्री के समक्ष रखा। मंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं का शीघ्र समाधान करने का निर्देश दिया।

