मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को जदयू ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। दोनों को पार्टी से छह साल के लिए निष्काषित किया गया है। इसके अलावा, जदयू ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता भी रद्द करने की मांग की है।
इस कार्रवाई के बाद अनंत सिंह का गुस्सा सातवे आसमान पर है। मोकामा ने पार्टी के एक्शन के बाद रविवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। जिसमें उन्होंने जदयू के तमाम नेताओं को जमकर सुनाया।
‘बेटे को चुनाव लड़ायेगा?’
वहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच मीडिया कर्मी ने अनंत सिंह से पूछ लिया कि विधायकी जाने के बाद आप चुनाव खुद लड़िएगा या अपने बेटे को मैदान में उतारियेगा। तो इस पर अनंत सिंह फूट पड़े।
अनंत सिंह ने तल्ख लहजे में जवाब दिया कि ये सवाल अभी क्यों पूछ रहे, इसका कोई मतलब नहीं है, ये सब फालतू सवाल है। इसके ठीक बाद जब मीडिया कर्मी ने उनसे पूछा कि जदयू में एक्शन से पहले किसी नेता ने उनसे बात की थी तो उन्होंने कहा- क्यों कोई मुझसे बात करेगा, जदयू में नेता कौन है, जो बात करेगा। वो मेरी गलती निकालते रहें, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, मुझे किसी बात का अफसोस नहीं है।
प्रधानमंत्री का भी अनंत सिंह ने लिया नाम
जदयू की कार्रवाई को लेकर अनंत सिंह ने प्रधानमंत्री तक का नाम ले लिया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह दावा कर दिया कि जब चुनाव होगा तब जो प्रधानमंत्री बन कर बैठे हैं, उन्हें भी जदयू की स्थिति के बारे में पता चल जाएगा।
इसके अलावा, पूर्व सीएम नीतीश कुमार को लेकर अनंत सिंह ने कहा- नीतीश जी अब खत्म हो गए हैं, वो बेचारे अपने साथ अपनी पार्टी को भी लेकर चले गए हैं। अब पार्टी पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। चुनाव में 10 सीट भी अब नसीब नहीं होगी।

