मैनपुरी में एक विधवा महिला को ससुर की मौत के बाद उनकी तेरहवीं करने गांव पहुंचने पर घर में घुसने नहीं दिया गया। महिला का आरोप है कि परिवार के कुछ लोगों ने घर की चाबी देने से मना कर दिया और ताला खोलकर उसे अंदर नहीं जाने दिया। इस वजह से वह अपने ससुर की तेरहवीं तक नहीं कर सकी। महिला का कहना है कि उसने इस मामले की शिकायत थाने में भी की, लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद मंगलवार को वह डीएम कार्यालय पहुंची और शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। एलाऊ थाना क्षेत्र के चौहानपुर गांव की पूनम देवी, जो स्वर्गीय मनीष यादव की पत्नी हैं, ने डीएम को दी शिकायत में बताया कि वह मजदूरी के लिए हरियाणा के अंबाला गई थीं। उनके पति की पहले ही मौत हो चुकी है। 11 सितंबर 2026 को उनके ससुर महाबीर सिंह की मौत हो गई थी। ससुर की मौत की खबर मिलने के बाद वह अपने बच्चों के साथ गांव के घर पहुंचीं। महिला के मुताबिक पूनम देवी का आरोप है कि रामौतार पुत्र रघुवीर सिंह और राजीव पुत्र रामौतार समेत कुछ अन्य लोगों ने उनके घर की चाबी अपने पास रख ली और उन्हें चाबी नहीं दी। महिला के मुताबिक, उसने कई बार घर खोलने के लिए कहा, लेकिन आरोपियों ने ताला खोलकर उसे अंदर नहीं जाने दिया। थाने पहुंची और शिकायत की महिला ने बताया कि ससुर की तेरहवीं मंगलवार को होनी थी। इसके लिए वह परिवार और बच्चों के साथ गांव पहुंची थी, लेकिन घर में अंदर नहीं जाने दिया गया, जिस कारण वह तेरहवीं की रस्म भी नहीं कर सकी। उसका कहना है कि अपने ही घर में घुसने न मिलने से परेशान होकर वह पहले थाने पहुंची और शिकायत की, लेकिन वहां भी उसकी समस्या पर कोई सुनवाई नहीं हुई। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले जब वह 19 मई 2025 को अंबाला से गांव वापस आई थी, तो घर का ताला टूटा मिला था। आरोप है कि घर में रखा घरेलू सामान भी गायब था। जब उसने उन लोगों से इस बारे में पूछा तो कथित तौर पर उसके साथ गाली-गलौज की गई। आवश्यक कार्रवाई की मांग की अब तेरहवीं की रस्म भी नहीं हो पाने के बाद महिला मंगलवार को डीएम कार्यालय पहुंची। उसने प्रशासन से घर की चाबी दिलाने, घर में रखा अपना घरेलू सामान वापस दिलाने और मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

