भास्कर न्यूज | गढ़वा गढ़वा प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय कल्याणपुर में शनिवार को विश्व अंतरिक्ष सप्ताह के तहत विज्ञान आधारित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अनामिका कुमारी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष विज्ञान, ग्रहों, उपग्रहों और वैज्ञानिक तकनीकों से संबंधित एक से बढ़कर एक आकर्षक मॉडल प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मौके पर लोगों ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना, अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना और पढ़ाई के साथ-साथ प्रयोगात्मक ज्ञान को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संकुल साधनसेवी प्रणव झा उपस्थित थे। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न मॉडलों का अवलोकन किया और उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल किताबों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन और भविष्य की प्रगति से जुड़ा हुआ है। ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों को नई चीजें सीखने, अपनी कल्पनाशक्ति का उपयोग करने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासु बनने, सवाल पूछने और निरंतर प्रयोग के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अनामिका कुमारी ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ विज्ञान आधारित गतिविधियां भी आवश्यक हैं। ऐसे आयोजनों से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में छिपी रचनात्मक क्षमता को सामने लाने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में इस तरह के कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यालय का प्रयास है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उनमें वैज्ञानिक सोच, नवाचार और आत्मविश्वास को भी बढ़ावा दिया जाए। विज्ञान शिक्षिका वीणा कुमारी ने विद्यार्थियों को विज्ञान के सिद्धांतों को समझने और उन्हें व्यावहारिक जीवन से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मॉडल निर्माण जैसी गतिविधियां बच्चों को विषय को आसानी से समझने में मदद करती हैं। इससे विद्यार्थियों में प्रयोग करने, नई जानकारियां हासिल करने और अपनी सोच को रचनात्मक रूप देने की क्षमता विकसित होती है। शिक्षिका रोकैया तरन्नुम ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान आज आधुनिक तकनीक और मानव जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। उपग्रहों के माध्यम से संचार, मौसम की जानकारी, आपदा प्रबंधन और पृथ्वी की निगरानी जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाते हैं। भास्कर न्यूज | गढ़वा गढ़वा प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय कल्याणपुर में शनिवार को विश्व अंतरिक्ष सप्ताह के तहत विज्ञान आधारित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अनामिका कुमारी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष विज्ञान, ग्रहों, उपग्रहों और वैज्ञानिक तकनीकों से संबंधित एक से बढ़कर एक आकर्षक मॉडल प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मौके पर लोगों ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना, अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना और पढ़ाई के साथ-साथ प्रयोगात्मक ज्ञान को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संकुल साधनसेवी प्रणव झा उपस्थित थे। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न मॉडलों का अवलोकन किया और उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल किताबों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन और भविष्य की प्रगति से जुड़ा हुआ है। ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों को नई चीजें सीखने, अपनी कल्पनाशक्ति का उपयोग करने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासु बनने, सवाल पूछने और निरंतर प्रयोग के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अनामिका कुमारी ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ विज्ञान आधारित गतिविधियां भी आवश्यक हैं। ऐसे आयोजनों से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में छिपी रचनात्मक क्षमता को सामने लाने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में इस तरह के कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यालय का प्रयास है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उनमें वैज्ञानिक सोच, नवाचार और आत्मविश्वास को भी बढ़ावा दिया जाए। विज्ञान शिक्षिका वीणा कुमारी ने विद्यार्थियों को विज्ञान के सिद्धांतों को समझने और उन्हें व्यावहारिक जीवन से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मॉडल निर्माण जैसी गतिविधियां बच्चों को विषय को आसानी से समझने में मदद करती हैं। इससे विद्यार्थियों में प्रयोग करने, नई जानकारियां हासिल करने और अपनी सोच को रचनात्मक रूप देने की क्षमता विकसित होती है। शिक्षिका रोकैया तरन्नुम ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान आज आधुनिक तकनीक और मानव जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। उपग्रहों के माध्यम से संचार, मौसम की जानकारी, आपदा प्रबंधन और पृथ्वी की निगरानी जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाते हैं।

