वाराणसी के छावनी क्षेत्र में तेंदुए की आहट से दहशत बरकरार है। तेंदुए को पकड़ने के लिए अब गोरखपुर से वेटनरी चिकित्सकों की टीम बुलाई गई है। टीम ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ इलाके में डेरा डाल दिया है। तेंदुए की गतिविधियों और लोकेशन का पता लगाने के बाद उसे ट्रैंकुलाइज कर पकड़ने की तैयारी है। हालांकि, पिछले चार दिनों से सेंट मैरी स्कूल, 39 जीटीसी और नदेसर के छोटा कटिंग इलाके में तेंदुए के पगचिह्न नहीं मिले हैं। वन विभाग ने तेंदुए की तलाश के लिए तीन टीमें बनाई हैं। प्रत्येक टीम में पांच विशेषज्ञ शामिल हैं। तीनों टीमों ने सबसे पहले उन जगहों की जांच की, जहां तेंदुआ दिखने की सूचना मिली थी। इसके बाद छावनी के जंगली और झाड़ियों वाले इलाकों में तलाश शुरू की गई। सेंट मैरी स्कूल में 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। वन क्षेत्राधिकारी बोले- छोटा जानवर है,तेद तेंदुआ नहीं वन क्षेत्राधिकारी संजय कुमार के मुताबिक, तीनों स्थानों पर जांच के दौरान छोटे जानवरों के पगचिह्न मिले हैं। अभी तक तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि जब तक यह स्पष्ट नहीं हो जाता कि इलाके में तेंदुआ है या नहीं, तब तक स्कूल के साथ पूरे छावनी क्षेत्र में निगरानी जारी रहेगी। सीसीटीवी में दिखा था तेंदुआ, सैन्यकर्मियों ने भी की थी घेराबंदी बीते गुरुवार को सेंट मैरी स्कूल के सीसीटीवी कैमरे में तेंदुआ दिखाई दिया था। इसके बाद 39 जीटीसी क्षेत्र में भी उसके देखे जाने की सूचना मिली। यहां दो सैन्यकर्मियों ने तेंदुए की घेराबंदी करने की कोशिश की, लेकिन वह चकमा देकर भाग निकला। इसके बाद नदेसर के छोटा कटिंग स्कूल के मैदान में तेंदुआ दिखने की खबर से हड़कंप मच गया था। बताया गया कि सलीम खान के घर से करीब 100 मीटर दूर एक चहारदीवारी पर तेदुआ खड़ा दिखाई दिया। इसी दौरान एक गाड़ी की लाइट पड़ने पर वह गुर्राया और दूसरी तरफ कूदकर अंधेरे में गायब हो गया। लगातार अलग-अलग स्थानों पर तेंदुआ दिखने की सूचना के बाद वन विभाग अलर्ट है। फिलहाल उसकी मौजूदगी की पुष्टि के लिए तलाश और निगरानी जारी है।

