शासन द्वारा मुरादाबाद मंडल के लिए नामित वरिष्ठ नोडल अधिकारी प्रकाश बिंदु (IAS) द्वारा मंडल के जनपद अमरोहा एवं मुरादाबाद का भ्रमण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इसी कड़ी में उन्होंने मुरादाबाद के मैनाठेर स्थित कान्हा गोशाला का औचक निरीक्षण कर वहां संरक्षित गोवंश के भरण-पोषण, स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की। गो-पूजन से की शुरुआत, चारे-पानी के प्रबंध पर जताया संतोष गोशाला परिसर पहुंचने पर वरिष्ठ नोडल अधिकारी ने सर्वप्रथम विधि-विधान से गो-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने गोशाला में संरक्षित गोवंश के लिए उपलब्ध भूसा, हरा चारा, पशु आहार एवं स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था को परखा और वर्तमान व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। नोडल अधिकारी ने विशेष रूप से गोवंश को लम्पी स्किन डिजीज जैसी संक्रामक बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए कराए गए टीकाकरण का जमीनी सत्यापन किया और पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी अभिलेखों की जांच की। गांवों में पहुंचकर किया पशुपालकों के गोवंश के टीकाकरण का सत्यापन गोशाला के बाद वरिष्ठ नोडल अधिकारी प्रकाश बिंदु ने स्वयं ग्राम मनोहरपुर एवं शाहपुर पहुंचकर पशुपालकों के घरों का दौरा किया। वहाँ उन्होंने गला घोंटू, खुरपका-मुंहपका एवं लम्पी स्किन डिजीज जैसी घातक बीमारियों से बचाव के लिए पशुपालन विभाग द्वारा चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों एवं पशुपालकों ने विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं व उपचार व्यवस्थाओं पर पूरी तरह संतोष व्यक्त किया। लापरवाही बरतने पर दी सख्त हिदायत निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि जनपद में सभी पात्र एवं चिन्हित पशुओं का समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गोशालाओं में पशुओं के भरण-पोषण, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों को आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए अधिक संवेदनशीलता और लगन के साथ कार्य करने को कहा। मौके पर मौजूद रहे प्रमुख अधिकारी इस निरीक्षण के दौरान पशुपालन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से अपर निदेशक पशुपालन डॉ. जगदीश प्रसाद, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) डॉ. सुनील दत्त, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरपाल गंगवार और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शोएब सहित अन्य विभागीय कर्मचारी शामिल थे।

