इंदौर नगर निगम के नामांतरण घोटाले को लेकर कांग्रेस ने जांच लोकायुक्त पुलिस को सौंपने की मांग की है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और निगम में नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने आरोप लगाया कि नामांतरण घोटाले की जांच में भी घोटाला हुआ है। जांच रिपोर्ट में कुछ छोटे कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया, लेकिन इतने बड़े मामले के मास्टरमाइंड और बड़े जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट नहीं की गई। दरअसल, मंगलवार को शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने मीडिया से चर्चा में आरोप लगाते हुए कई सवाल भी उठाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह मामला सिर्फ अनियमितता का नहीं, बल्कि धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का है। इसलिए निगम कमिश्नर को पूरी जांच फाइल लोकायुक्त पुलिस को सौंपनी चाहिए, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और घोटाले के तार कहां तक जुड़े हैं, इसका खुलासा हो सके। 356 संपत्तियों के मालिकों के नाम बदले कांग्रेस नेताओं के मुताबिक नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने 356 संपत्तियों के रिकॉर्ड में मालिकों के नाम बदल दिए। मामला सामने आने के बाद नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसके आधार पर कुछ कर्मचारियों के निलंबन और कुछ की सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है। कांग्रेस ने उठाया सवाल कौन है मास्टरमाइंड? कांग्रेस का सवाल है कि यदि 356 संपत्तियों के रिकॉर्ड बदले गए तो इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने वाला मास्टरमाइंड कौन है? जांच रिपोर्ट में इसका स्पष्ट जवाब नहीं है। चिंटू चौकसे और सोनिला मिमरोट ने कहा कि जांच रिपोर्ट से ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर मामले को खत्म करने की कोशिश की जा रही है, जबकि इतने बड़े स्तर पर संपत्तियों के रिकॉर्ड में बदलाव बिना किसी बड़े स्तर की मिलीभगत के संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की शिकायत साइबर क्राइम में करने के बजाय पूरी फाइल लोकायुक्त को सौंपनी चाहिए। लोकायुक्त की जांच में अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों की भूमिका सामने आ सकेगी। कांग्रेस नेताओं के ये सवाल भी इन मामलों में भी नहीं हुई अपेक्षित कार्रवाई कांग्रेस ने आरोप लगाया कि स्वच्छता के लिए देश-दुनिया में पहचान बनाने वाले इंदौर की पहचान अब ऐसे मामलों से भी होने लगी है। नेताओं ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव के कार्यकाल में पटेल नगर बावड़ी हादसे और भागीरथपुरा में दूषित पानी की घटना का भी जिक्र किया। उनका आरोप है कि इन मामलों में जिम्मेदार लोगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

