लुधियाना में आयकर विभाग की शिकायत पर सराभा नगर थाना पुलिस ने दो चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) ऋषभ गुप्ता और लवप्रीत सिंह के खिलाफ करीब 175.53 करोड़ रुपये के संदिग्ध ओवरसीज रेमिटेंस मामले में केस दर्ज किया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने बिना खातों व दस्तावेजों की जांच किए फर्जी फॉर्म 15CB सर्टिफिकेट जारी कर एक शेल कंपनी के जरिए रकम विदेश भेजने में मदद की। यह कार्रवाई आयकर विभाग (जांच) लुधियाना द्वारा 18 अगस्त 2026 को ‘ऋषभ गुप्ता एंड एसोसिएट्स’ के कार्यालय पर किए गए सर्वे के बाद की गई है। 3 साल में विदेश भेजी गई रकम
विभाग की जांच के अनुसार ‘करमन्यू इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी के माध्यम से आईटी और सॉफ्टवेयर सेवाओं के नाम पर यह धनराशि विदेश भेजी गई: वर्ष 2023-24: ₹55.14 करोड़ वर्ष 2024-25: ₹47.50 करोड़ वर्ष 2025-26: ₹72.88 करोड़ कुल योग: ₹175.53 करोड़ 6 महीने से बंद था दफ्तर, निदेशक ने कबूला सच
आयकर अधिकारियों ने जब कंपनी के रजिस्टर्ड पते पर रेड की, तो वहां एक छोटा सा केबिन मिला जिस पर ताला लटका था। पड़ोसियों ने बताया कि पिछले छह महीने से यहां कोई काम नहीं हुआ है। इसके बाद कंपनी के निदेशक गौरव जैन ने अपने बयान में स्वीकार किया कि इस कंपनी का इस्तेमाल केवल कमीशन लेकर शेल एंटिटी के जरिए विदेशों में रकम भेजने के लिए किया जा रहा था। डिजिटल सिग्नेचर का इस्तेमाल
सर्वे के दौरान ऋषभ गुप्ता ने बताया कि उनके डिजिटल सिग्नेचर का इस्तेमाल लवप्रीत सिंह ने फॉर्म 15CB जारी करने के लिए किया था, जिसे लवप्रीत ने भी स्वीकार किया। मामले के जांच अधिकारी ASI रवि आनंद ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 229, 234, 236, 318(4) (धोखाधड़ी), 336(2) व 336(3) (जालसाजी), 340, 3(5) और 61 (आपराधिक साजिश) के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

