लुधियाना पूर्व सरपंच हत्याकांड में खुलासा:पहले ताया पर था शक,अब सामने आया असली मास्टरमाइंड; 1.5 कनाल जमीन के लिए ब्रेड कंपनी के ड्राइवर ने किया था कत्ल

लुधियाना पूर्व सरपंच हत्याकांड में खुलासा:पहले ताया पर था शक,अब सामने आया असली मास्टरमाइंड; 1.5 कनाल जमीन के लिए ब्रेड कंपनी के ड्राइवर ने किया था कत्ल

लुधियाना के गांव माणेवाल के पूर्व सरपंच नवतेज सिंह की गोलियां मारकर की गई निर्मम हत्या की गुत्थी को लुधियाना पुलिस (सीआईए स्टाफ और थाना लाडोवाल) ने सुलझा लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में हर दिन नए खुलासे हो रहे थे। अब पुलिस जांच में एक ऐसा चौंकाने वाला मोड़ आया है जिसने पूरी घटना की कहानी को पलट कर रख दिया है। पहले इस कत्ल के पीछे पारिवारिक रंजिश के चलते मृतक के ताया पर शक जताया जा रहा था लेकिन पुलिस की गहन तफ्तीश और तकनीकी साक्ष्यों ने असली मास्टरमाइंड के चेहरे से नकाब हटा दिया है। पुलिस ने इस हत्याकांड के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में साफ हुआ है कि इस साजिश की नींव उस शख्स ने रखी थी, जिससे जमीन का विवाद चल रहा था और कत्ल को अंजाम एक ब्रेड कंपनी के ड्राइवर ने दिया जिसने महज अपने दोस्त के कहने पर पूर्व सरपंच की जान ले ली। कैसे घूमी जांच की सुई: ताया से हटकर असली मास्टरमाइंड तक शुरुआती दौर में जब पूर्व सरपंच नवतेज सिंह की हत्या हुई तो गांव और परिवार के बीच चल रही आपसी गुटबाजी के चलते शक की सुई मृतक के ताया की तरफ घूमी थी। पुलिस ने इस एंगल से भी बारीकी से जांच की। हालांकि जैसे-जैसे सीआईए स्टाफ और लाडोवाल पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ीं, कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाली और गुप्त सूचनाओं को आधार बनाया तो जांच का रुख पूरी तरह बदल गया। असली साजिशकर्ता वह निकला जिससे मृतक का जमीन को लेकर सीधा विवाद चल रहा था। डेढ़ कनाल जमीन का वह विवाद जिसने ली पूर्व सरपंच की जान पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस पूरी वारदात की मुख्य जड़ महज 1.5 (डेढ़) कनाल जमीन का पुराना विवाद है। यह जमीन मृतक पूर्व सरपंच नवतेज सिंह की बहन से संबंधित बताई जा रही है। इस जमीन के कब्जे को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी और मामला माननीय अदालत के समक्ष विचाराधीन था।
दोस्ती की आड़ में खूनी खेल: ब्रेड कंपनी के ड्राइवर ने चलाई गोली इस हत्याकांड का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि जिसने गोली चलाई उसकी पूर्व सरपंच से कोई सीधी दुश्मनी नहीं थी। मास्टरमाइंड ने अपने साथियों को इस साजिश में शामिल किया। इन्हीं में से एक मुख्य हमलावर था जो पेशे से एक ब्रेड कंपनी में ड्राइवर का काम करता है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस ड्राइवर ने केवल अपनी दोस्ती निभाने के लिए इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे डाला। दोस्त के उकसाने पर उसने कानून अपने हाथ में लिया और सरपंच पर गोलियां बरसा दीं। सीआईए स्टाफ और लाडोवाल पुलिस का जॉइंट ऑपरेशन घटना वाले दिन से ही लुधियाना पुलिस कमिश्नरेट ने इस मामले को गंभीरता से लिया था। थाना लाडोवाल पुलिस के साथ सीआईए स्टाफ को इस केस को क्रैक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले डंप डाटा उठाया और तकनीकी साक्ष्यों का गहराई से विश्लेषण किया। खुफिया मुखबिरों से मिली सटीक सूचना और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने 14 अक्टूबर 2026 को इस मामले में चार आरोपियों को नामजद कर लिया। इन चार आरोपियों को किया गया नामजद: रूर सिंह पुत्र मुनशा सिंह (निवासी: पत्ती चोहले, कुतबवाल गुजरां, लुधियाना),जसविंदर सिंह उर्फ राजा पुत्र रूर सिंह (निवासी: पत्ती चोहले, कुतबवाल गुजरां, लुधियाना),मनजिंदर सिंह उर्फ गोरू,हरप्रीत सिंह उर्फ प्रीत सिंह तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार पुलिस टीमों ने नामजद आरोपियों की धरपकड़ के लिए जाल बिछाया और संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इसी कड़ी में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी और टीम ने पिता-पुत्र की जोड़ी यानी रूर सिंह और जसविंदर सिंह उर्फ राजा को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पुलिस रिमांड के दौरान सख्ती से पूछताछ की जा रही है ताकि वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार और भागने के रूट को लेकर पूरी जानकारी हासिल की जा सके। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की इन सख्त धाराओं के तहत दर्ज है मामला इस हत्याकांड को लेकर थाना लाडोवाल में 4 अक्टूबर 2026 को एफआईआर नंबर 167 दर्ज की गई थी। नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद पुलिस ने इस संगीन जुर्म को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में हत्या के लिए धारा 103 (हत्या/Murder) लगाई है। इसके साथ ही खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाने आपराधिक साजिश रचने और धमकी देने से जुड़ी धाराएं 324(4), 351(3), 191(3), 190 और 61(2) (आपराधिक साजिश) लगाई गई हैं। आगे की कार्रवाई: फरार आरोपियों पर कसता शिकंजा मामले के दो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस का पूरा फोकस बाकी बचे दो फरार आरोपियों मनजिंदर सिंह उर्फ गोरू और हरप्रीत सिंह उर्फ प्रीत सिंह की गिरफ्तारी पर है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को पनाह देने वालों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लुधियाना पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर रेड कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द बाकी बचे कातिल भी सलाखों के पीछे होंगे।

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