लाठीचार्ज की लोधी समाज ने मजिस्ट्रेटी जांच मांगी:प्रदेश अध्यक्ष भाजपा नेताओं संग एसपी से मिले, बोले- दोषी पर हो कार्रवाई

लाठीचार्ज की लोधी समाज ने मजिस्ट्रेटी जांच मांगी:प्रदेश अध्यक्ष भाजपा नेताओं संग एसपी से मिले, बोले- दोषी पर हो कार्रवाई

लखीमपुर खीरी के धौरहरा विधानसभा क्षेत्र के सिसैया खुर्द गांव में ग्रामीणों पर हुए कथित लाठीचार्ज का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस कार्रवाई के विरोध में अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष साहब सिंह राजपूत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने पूरे मामले की निष्पक्ष मजिस्ट्रेटी जांच कराने की मांग की। एसपी से मिले महासभा के पदाधिकारी प्रतिनिधिमंडल में देवेन्द्र सिंह राजपूत (कासगंज), देवेन्द्र सिंह लोधी (स्याना विधानसभा), सीपी सिंह लोधी (डिबाई), पूर्व विधायक कृष्ण पाल (बबीना) और हरिओम वर्मा (आमापुर विधानसभा) शामिल रहे। महासभा के लखीमपुर जिलाध्यक्ष हरीराम लोधी भी मौजूद रहे। प्रदेश अध्यक्ष साहब सिंह राजपूत ने कहा कि केवल पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित करने से मामला खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है कि पुलिसकर्मियों ने किन परिस्थितियों में ग्रामीणों पर लाठीचार्ज किया। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की मजिस्ट्रेटी जांच कराने की मांग की।
बोले- दबाव या साजिश की भी हो जांच साहब सिंह राजपूत ने कहा कि जांच में यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि पुलिस कार्रवाई किसी दबाव या इशारे पर हुई थी या इसके पीछे किसी बाहरी व्यक्ति अथवा राजनीतिक साजिश की भूमिका थी। उनके मुताबिक, निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी। भाजपा विधायक की भूमिका से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेटी जांच में किसी भी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच के दायरे में कोई भी व्यक्ति आए, दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
5 पुलिसकर्मी हो चुके हैं निलंबित उन्होंने कहा कि लोधी समाज भारतीय जनता पार्टी का बड़ा और समर्पित वोट बैंक रहा है। समाज से जुड़े इस मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग को लेकर महासभा अपनी बात मजबूती से रखेगी। बता दें कि सिसैया खुर्द गांव में ग्रामीणों और पुलिस के बीच विवाद के बाद लाठीचार्ज के आरोप लगे थे। घटना से जुड़े वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। पुलिस प्रशासन ने मामले में पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। अब महासभा की ओर से मजिस्ट्रेटी जांच की मांग उठाए जाने के बाद मामला फिर चर्चा में है।

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