लखीसराय में खैरी मौजा के किसान DM से मिले:मोकामा-मुंगेर फोरलेन के लिए जमीन अधिग्रहण पर उचित मुआवजे की मांग

लखीसराय में खैरी मौजा के किसान DM से मिले:मोकामा-मुंगेर फोरलेन के लिए जमीन अधिग्रहण पर उचित मुआवजे की मांग

लखीसराय में मोकामा-मुंगेर ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क निर्माण के लिए प्रस्तावित जमीन अधिग्रहण को लेकर खैरी मौजा के किसान आक्रोशित हैं। उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएम शैलेंद्र कुमार से मुलाकात कर आवेदन सौंपा है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा अधिग्रहित की जा रही जमीन का मूल्यांकन उचित तरीके से नहीं किया गया है। उनके अनुसार, जिस जमीन की बाजार कीमत लगभग 25 लाख रुपये प्रति इकाई है, प्रशासन उसका मूल्य केवल चार लाख रुपये आंक रहा है। जमीन का मूल्यांकन कर मुआवजा देने की अपील मुआवजे को लेकर प्रशासन द्वारा भेजे गए पत्र के बाद जमीन मालिकों में असंतोष और बढ़ गया है। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे सड़क निर्माण या विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं। उनकी मुख्य मांग है कि उनकी जमीन का उचित बाजार मूल्य दिया जाए। उन्होंने राजस्व विभाग द्वारा निर्धारित नए रेट के अनुसार जमीन का मूल्यांकन कर मुआवजा देने की अपील की है। आंदोलन करने की दी चेतावनी प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और उचित दर पर मुआवजा देने की मांग की। किसानों का कहना है कि कम मुआवजा देकर उनकी जमीन लेना उनके साथ अन्याय होगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। किसानों ने डीएम से इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित मुआवजा दिलाने का आग्रह किया है। लखीसराय में मोकामा-मुंगेर ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क निर्माण के लिए प्रस्तावित जमीन अधिग्रहण को लेकर खैरी मौजा के किसान आक्रोशित हैं। उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएम शैलेंद्र कुमार से मुलाकात कर आवेदन सौंपा है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा अधिग्रहित की जा रही जमीन का मूल्यांकन उचित तरीके से नहीं किया गया है। उनके अनुसार, जिस जमीन की बाजार कीमत लगभग 25 लाख रुपये प्रति इकाई है, प्रशासन उसका मूल्य केवल चार लाख रुपये आंक रहा है। जमीन का मूल्यांकन कर मुआवजा देने की अपील मुआवजे को लेकर प्रशासन द्वारा भेजे गए पत्र के बाद जमीन मालिकों में असंतोष और बढ़ गया है। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे सड़क निर्माण या विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं। उनकी मुख्य मांग है कि उनकी जमीन का उचित बाजार मूल्य दिया जाए। उन्होंने राजस्व विभाग द्वारा निर्धारित नए रेट के अनुसार जमीन का मूल्यांकन कर मुआवजा देने की अपील की है। आंदोलन करने की दी चेतावनी प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और उचित दर पर मुआवजा देने की मांग की। किसानों का कहना है कि कम मुआवजा देकर उनकी जमीन लेना उनके साथ अन्याय होगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। किसानों ने डीएम से इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित मुआवजा दिलाने का आग्रह किया है।  

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