कैमूर स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण और उन्हें स्वास्थ्य सुविधाओं का त्वरित लाभ दिलाने के प्रयासों की सराहना की गई है। एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज के सदस्यों ने सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक से मुलाकात कर उन्हें अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया और आभार व्यक्त किया। एसोसिएशन के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक यशु पाल ने बताया कि सिविल सर्जन कार्यालय और स्वास्थ्य केंद्रों से दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र तथा कंसेशन सर्टिफिकेट बनवाने में काफी सहूलियत मिल रही है। सिविल सर्जन ने दिव्यांगजनों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से दो-चार दिनों में समाधान का पूर्ण आश्वासन दिया। सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक ने इस अवसर पर कहा कि सरकार के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों के हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में हर महीने के पहले और तीसरे सप्ताह में जिला अस्पताल में विशेष जांच व प्रमाणन कैंप नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं। डॉ. रजक ने जानकारी दी कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में जिले को राज्य स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि 32 हजार के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक करीब 18 हजार दिव्यांगजनों का प्रमाण पत्र जारी किया जा चुका है। सिविल सर्जन ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिए हैं कि वे दिव्यांगजनों के अधिकारों और सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराएं। कैमूर स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण और उन्हें स्वास्थ्य सुविधाओं का त्वरित लाभ दिलाने के प्रयासों की सराहना की गई है। एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज के सदस्यों ने सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक से मुलाकात कर उन्हें अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया और आभार व्यक्त किया। एसोसिएशन के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक यशु पाल ने बताया कि सिविल सर्जन कार्यालय और स्वास्थ्य केंद्रों से दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र तथा कंसेशन सर्टिफिकेट बनवाने में काफी सहूलियत मिल रही है। सिविल सर्जन ने दिव्यांगजनों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से दो-चार दिनों में समाधान का पूर्ण आश्वासन दिया। सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक ने इस अवसर पर कहा कि सरकार के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों के हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में हर महीने के पहले और तीसरे सप्ताह में जिला अस्पताल में विशेष जांच व प्रमाणन कैंप नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं। डॉ. रजक ने जानकारी दी कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में जिले को राज्य स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि 32 हजार के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक करीब 18 हजार दिव्यांगजनों का प्रमाण पत्र जारी किया जा चुका है। सिविल सर्जन ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिए हैं कि वे दिव्यांगजनों के अधिकारों और सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराएं।

