राजधानी लखनऊ में नकली दवाओं की सप्लाई के मामले की जांच अब सहारनपुर तक पहुंच गई है। बुधवार रात अमीनाबाद में दर्ज मामले में गिरफ्तार सहारनपुर निवासी एजाज से पूछताछ के बाद एफएसडीए की टीम ने सहारनपुर के नागल क्षेत्र में कार्रवाई की। यहां एक मकान के तहखाने में दवाओं की पैकिंग से जुड़ा पूरा सेटअप मिला। टीम ने स्ट्रिपिंग मशीन, बैच स्टीरियो, डाई-पंच, प्रिंटेड एल्युमिनियम फॉयल के साथ 32.555 किलो दवा स्ट्रिप्स और बड़ी संख्या में प्रिंटेड कार्टन जब्त किए हैं। लखनऊ में एजाज से पूछताछ के बाद खुली कड़ी
अमीनाबाद थाने में दर्ज एफआईआर में सहारनपुर निवासी एजाज का नाम शामिल है। उस पर सस्ती और नकली दवाओं की सप्लाई से जुड़े होने का आरोप है। लखनऊ एसओजी और पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की गई। इसी पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर एफएसडीए ने सहारनपुर में संबंधित ठिकाने की जांच की।
सहारनपुर के ग्राम कोटा, थाना नागल स्थित मकान में टीम को 41 लुपिन और दो मैक्लिओड्स के कॉरुगेटेड बॉक्स मिले। इनके नीचे बने तहखाने से स्ट्रिपिंग मशीन, डिफकॉर्ट-6 की प्रिंटेड एल्युमिनियम फॉयल, बैच स्टीरियो और अलग-अलग डाई-पंच बरामद हुए। पूछताछ में विनोद ने तहखाने में दवाओं की पैकिंग किए जाने की जानकारी दी। लखनऊ के मामले में दवा के नमूने भी फेल कार्रवाई में डिफकॉर्ट-6 की करीब 32.555 किलो स्ट्रिप्स, 973 प्रिंटेड कार्टन और रोसुुवास एफ-10 के 472 प्रिंटेड कार्टन मिले। इसके अलावा करीब 6.950 किलो पीली और 4.900 किलो सफेद गोलियां भी बरामद की गईं। टीम ने चार दवाओं के नमूने जांच के लिए लिए हैं। बरामद सामग्री को सील कर दिया गया है।
लखनऊ के अमीनाबाद क्षेत्र में हुई जांच में लेवेरा-500 के दो बैच के नमूने राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए थे। जांच में इन्हें ‘प्रकृति से असली नहीं’ पाया गया। खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड में करीब 76,790 स्ट्रिप्स की खरीद के मुकाबले बिक्री और स्टॉक 85,832 स्ट्रिप्स दर्ज मिला। इस अंतर की भी जांच की जा रही है। रुड़की की फर्मों तक पहुंची जांच पूछताछ में रुड़की की प्रिजार्क हेल्थकेयर, रेडिएंट प्रिंटो पैक और वी-ब्रोस लाइफसाइंसेज समेत अन्य लोगों और ठिकानों का भी जिक्र आया है। एफएसडीए इनकी भूमिका की पड़ताल कर रहा है। लखनऊ और सहारनपुर दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज है और जांच जारी है।

