लखनऊ में शनिवार सुबह से हो रही लगातार बारिश ने राजधानी की बिजली व्यवस्था को भी प्रभावित कर दिया। तेज बारिश के चलते कहीं अंडरग्राउंड केबल में फॉल्ट आया तो कहीं पेड़ गिरने और अन्य तकनीकी खराबियों के कारण बिजली आपूर्ति बाधित रही। शहर के वीआईपी इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लोग घंटों बिजली कटौती से परेशान रहे। बिजली गुल होने का सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ा। घरों में मोटर नहीं चलने से लोगों को पानी के संकट का सामना करना पड़ा। चंद्रावल फीडर में 9 घंटे से बिजली गुल बिजनौर के शारदा नगर उपकेंद्र से जुड़े चंद्रावल फीडर की बिजली सुबह करीब 6 बजे से बंद रही। स्थानीय निवासी रमेश ने बताया कि करीब 9 घंटे से बिजली नहीं आने के कारण घरों में पानी की किल्लत हो गई। उनका कहना है कि बारिश होते ही इलाके में बिजली आपूर्ति की यही स्थिति बन जाती है। तिवारीगंज में 5 घंटे से इंतजार शिवपुरी पावर हाउस के अंतर्गत तिवारीगंज में करीब 5 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों के फोन नहीं उठ रहे हैं। बिजली कब तक आएगी, इसकी भी कोई जानकारी नहीं मिल रही। लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से लोगों के मोबाइल फोन तक डिस्चार्ज हो गए। हासेमऊ में 14 घंटे से अंधेरा चिनहट-लौलाई पावर हाउस के अंतर्गत हासेमऊ में करीब 14 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायत सामने आई। लगातार बिजली कटौती से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि राजधानी में ही जब बिजली व्यवस्था का यह हाल है तो ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। रहीमाबाद में 30 गांवों पर असर रहीमाबाद क्षेत्र के जालामऊ बिजली घर से जुड़े रहीमाबाद, सस्पन और मनकौटी फीडर की बिजली आपूर्ति गुरुवार रात करीब 11 बजे से बाधित रही। लगातार बारिश के कारण बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई। इससे करीब 30 गांव अंधेरे में रहे। शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक मनकौटी फीडर चालू नहीं हो सका। वहीं, शुक्रवार सुबह से उमरावल फीडर की सप्लाई भी ठप रही। इन फीडरों से जुड़े जिंदौर, शेरनगर, जानकीनगर, लालता खेड़ा, बंजारन खेड़ा, रानीखेड़ा, गढ़ी, लालूहार, मुसीबतगंज, तेरवा, बेलवा और कैथुलिया समेत दर्जनों गांवों की करीब एक लाख की आबादी प्रभावित हुई। लंबे समय तक बिजली नहीं आने से सबसे ज्यादा परेशानी पानी की सप्लाई को लेकर हुई।

