झांसी में करीब 15 साल पहले मुस्लिम धर्म अपनाने वाले एक युवक ने शनिवार को पत्नी और बेटे के साथ हिंदू धर्म में घर वापसी की। रक्सा थाना क्षेत्र के राजापुर गांव निवासी राजकुमार ने सिद्धेश्वर मंदिर में हिंदू संगठनों के लोगों की मौजूदगी में पूजा-पाठ और हवन किया। इसके बाद उसका नाम फिर से राजकुमार प्रजापति रखा गया। राजकुमार ने बताया कि वह साल 2011 में काम की तलाश में पश्चिम बंगाल के मालदा जिले गया था। वहां काम करने के दौरान उसकी मुलाकात अफसरी से हुई। दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी और साल 2013 में उन्होंने मुस्लिम रीति-रिवाज से निकाह कर लिया। राजकुमार के मुताबिक, निकाह के बाद उसने इस्लाम धर्म अपना लिया और उसका नाम रफीक खान हो गया। झांसी लौटने के बाद हिंदू धर्म अपनाने की कोशिश
राजकुमार का कहना है कि वह साल 2021 में झांसी वापस आ गया था। इसके बाद से ही वह दोबारा हिंदू धर्म अपनाना चाहता था, लेकिन उसे इसके लिए सही लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा था। कुछ दिन पहले उसकी मुलाकात विश्व हिंदू परिषद के विनोद अवस्थी से हुई। इसके बाद घर वापसी की प्रक्रिया शुरू की गई। शनिवार को राजकुमार अपनी पत्नी और बेटे के साथ सिद्धेश्वर मंदिर पहुंचा। यहां हिंदू संगठनों के लोगों की मौजूदगी में पूजा और हवन किया गया। धार्मिक अनुष्ठान के बाद उसने हिंदू धर्म अपनाने की घोषणा की और अपना नाम फिर से राजकुमार प्रजापति रख लिया। सरकार को लेकर युवक ने लगाया आरोप राजकुमार ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में गैर-भाजपा सरकार होने के कारण उसे काम करने में परेशानी हो रही थी। इसी वजह से उसने उस समय इस्लाम धर्म अपना लिया था। हालांकि, यह उसका व्यक्तिगत आरोप है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

