कुछ इस तरह का होगा लक्ष्मीबाई चौक से पारिजात चौक तक आरओबी। 3. रेलवे लाइन पार करते ही फ्लाईओवर बीकानेर चौक पर पहुंचेगा। लोहा मंडी जाने वाले ट्रैफिक के लिए अलग से टर्न दिया जाएगा। स्थानीय दुकानों और कमर्शियल हब के लिए दोनों तरफ 5.5 से 7.5 मीटर चौड़ी सर्विस रोड और 1:30 ढलान वाले रैंप डाउन बनाने की प्लानिंग है। {बीकानेर चौक और रेलवे फाटक पर घंटों लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी। रोज सफर करने वाले कर्मचारियों, व्यापारियों और स्कूली बच्चों का यात्रा समय 15-20 मिनट से घटकर मात्र 3-5 मिनट रह जाएगा। {लोहा मंडी, ओल्ड अनाज मंडी और बीकानेर चौक के व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक ग्राहकों और मालवाहक गाड़ियों की पहुंच आसान होगी। स्थानीय कारोबार में भारी बढ़ोतरी होगी। {लक्ष्मीबाई चौक से पारिजात चौक तक पूरा मार्ग 6-लेन बनने से संकरी सड़कें (बॉटलनेक) खत्म हो जाएंगी, जिससे हादसों का खतरा न्यूनतम हो जाएगा। 4. फ्लाईओवर पारिजात चौक पर उतरेगा, जहां से वाहन सीधे पुरानी अनाज मंडी की ओर जा सकेंगे। आसपास सुव्यवस्थित कार पार्किंग एरिया बनाया जाएगा ताकि मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति न बने। बाजार का एंट्री प्वॉइंट। 2. हिसार जंक्शन से बठिंडा जाने वाली मुख्य रेलवे लाइन (एलसी-77 लक्ष्मीबाई पुल) के ऊपर से 7.5-7.5 मीटर चौड़ी दो मुख्य फ्लाईओवर लेन गुजरेंगी। रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों और व्यावसायिक वाहनों के लिए नीचे अलग समर्पित व्हीकल अंडरपास और कनेक्टिंग रोड बनेगी। 1. लक्ष्मीबाई चौक जंक्शन (पश्चिम छोर), यह 4 दिशाओं से आने वाले ट्रैफिक का मुख्य विलय बिंदु बनेगा। यहां एचएयू और भादरा की ओर से आने वाले वाहनों को सीधे 6-लेन फ्लाईओवर के रैंप अप और रैंप डाउन से जोड़ा जाएगा। वहीं फव्वारा चौक की तरफ से आने वाले वाहन 7.5 मीटर चौड़ी सर्विस रोड के जरिए फ्लाईओवर पर चढ़ सकेंगे। भास्कर न्यूज | हिसार शहर का बुनियादी ढांचा मजबूत करने और दशकों पुरानी ट्रैफिक जाम समस्या को खत्म करने का प्लान है। लक्ष्मीबाई चौक से पारिजात चौक तक सिक्सलेन रेलवे आेवरब्रिज बनाया जाएगा। लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने इस परियोजना को 6-लेन रेलवे ओवरब्रिज के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए हैं। लेआउट मैप के अनुसार, इस पूरे कॉरिडोर में 7.5 मीटर चौड़ी मुख्य फ्लाईओवर लेन के साथ 5.5 से 7.5 मीटर चौड़ी सर्विस रोड बनाई जाएगी। मरीन चीफ इंजीनियर संदीप बाना बताते हैं कि यह केवल एक रेलवे ओवरब्रिज नहीं होगा, बल्कि स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट का नमूना होगा। शहर की आगामी 50 वर्षों की संभावित आबादी और वाहनों की बढ़ती संख्या का आकलन कर प्लानिंग की गई है।

