गोरखपुर के पूर्व उपसभापति ने पूर्व पार्षद के बेटे पर धमकी देने का आरोप लगाया है। आरोप है कि पूर्व पार्षद के बेटे ने इंस्टाग्राम की एक पोस्ट पर उप सभापति के खिलाफ कमेंट किया है कि 2 थप्पड़ में सूता देंगे जमीन पर। इस कमेंट के आने के बाद मोबाइल पर भी नोकझोंक हुई है। उपसभपति की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पूर्व पार्षद के बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। इसके बाद से ही इस मामले में दोनों ही पक्ष के लोग सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। आइए जानते हैं पूर्व उप सभापति कौन हैं, उन्हें क्यों धमकी दी गई। एक सभापति के साथ-साथ 3 बार के पार्षद रहे गोरखपुर के राप्तीनगर से पूर्व पार्षद व उपसभापति और वर्तमान पार्षद प्रतिनिधि बृजेश सिंह उर्फ छोटू 3 बार पार्षद रह चुके हैं। पहली बार ये 2006 में पार्षद बने। तबसे लगातार 3 बार पार्षद का चुनाव जीतते रहे। 2023 में राप्तीनगर की सीट महिला रिज़र्व हो गई। जिसकी वजह से इनकी पत्नी पूनम सिंह ने पर्चा लेकर नामांकन किया। इनके साथ ही 16 और लोगों ने पर्चा खरीदा। लेकिन किसी ने नामांकन नहीं किया। जिसके बाद से पूनम सिंह को निर्विरोध पार्षद बना दिया गया। उत्तर प्रदेश की इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि किसी सीट पर बिना चुनाव हुए कोई पार्षद बन गया हो। ब्रजेश सिंह को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का करीबी माना जाता है। उनके घर पर भी मुख्यमंत्री का आना-जाना रहा है। सोशल मीडिया के पोस्ट से शुरू हुआ मामला बृजेश सिंह उर्फ छोटू ने बताया कि- मामले की शुरुआत 10 सितंबर को सोशल मीडिया से शुरू हुई है। जब बरगदवा के विकास नगर जप्ती टोला के रहने वाले रजत चौधरी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर मेरे वार्ड का वीडियो डालकर मेरी छवि धूमिल करने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि रजत ने सीएम ग्रिड सड़क योजना के तहत बनाई गई निर्माणाधीन सड़क पर हुए जलजमाव का वीडियो बनाया और मेरे ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। सड़क अभी पूरी बनी नहीं है। जिसकी वजह से जल निकासी का भी काम चल रहा था, इसी वजह से वहाँ पर पानी लगा रहा होगा। किस तरह के अधूरे वीडियो से जनता में गलत मैसेज गया। जब वीडियो मेरे संज्ञान में आया तो मैने उसके पोस्ट पर कमेंट किया। कमेंट में लिखा- ‘सड़क का काम चल रहा है सड़क बनने के बाद जलभराव नहीं होगा..…’ लेकिन वो अपनी ही बात पर अड़ा रहा। बात तू तू, मैं मैं तक पहुंच गई। उसने कमेंट मुझे कहा कि 2 थप्पड़ में सूता देंगे जमीन पर। इस कमेंट के बाद मोबाइल पर भी नोकझोंक हुई। इसके बाद से मैने शुक्रवार को शाहपुर थाना में तहरीर दी इसके आधार पर पुलिस ने रजत के ऊपर एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। उन्होंने ये भी कहा कि कुछ लोग अभी भी सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ उल्टी सीधी बातें कर रहे हैं। जरूरत पड़ी तो उनके खिलाफ भी शिकायत करूंगा। रजत सोशल मीडिया पर अकसर वार्ड में हो रही समस्या को लेकर आवाज उठाता रहा है। अलग अलग में जाकर वहां की स्थिती को दर्शाता था। इसके साथ साथ विश्वविद्यालय में छात्र हित को लेकर कई बार छात्र नेता के साथ धरने पर बैठा भी दिखाई दिया। रजत की गिरफ्तारी के बाद से सोशल मीडिया पर कुछ छात्र नेता अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। उनका कहना है कि रजत को गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। उसकी आवाज को दबाया जा रहा है। दैनिक भास्कर पर बोले छात्र नेता जब दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने रजत की गिरफ्तारी को लेकर छात्र नेता से बातचीत की तो सतीश प्रजापति ने बताया कि रजत मेरा काफी करीबी दोस्त है मैं उसे अच्छी तरह से जानता हूँ अक्सर वार्ड की समस्या वीडियो के जरिए उठाता रहता है। उसे जानबूझकर फंसाया जा रहा है। मेरी पुलिस प्रशासन से यही मांग है कि रजत को जेल से निकाला जाए नहीं तो हम सभी छात्र नेता मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे। सतीश प्रजापति ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से वीडियो पोस्ट कर यह बात वहाँ भी बोली है जिसके बाद से लोग कमेंट में अपनी अलग अलग राय दे रहे हैं। छात्र नेता उज्वल सिंह ने भी रजत के सपोर्ट में कहा है कि- रजत जमीन से जुड़ा हुआ नेता है। मैने उनको बहुत करीब से देखा है। वीडियो में उसने वही बात कही है जो वार्ड में दिख रहा था। प्रशासन और सरकार से मेरी यही मांग है कि रजत चौधरी को अगर 24 घंटे के अंदर बाहर नहीं निकाल गया तो हम सड़क पर उतरने का काम करेंगे। इसकी जिम्मेदार पुलिस प्रशासन होगी। NSUI लीडर सपोर्ट में आए NSUI लीडर योगेश प्रताप सिंह रजत के पक्ष में सोशल मीडिया पर पोस्ट अपना पक्ष रखा उन्होंने लिखा कि- नगर निगम, गोरखपुर में व्याप्त भ्रष्टाचार और जनहित के मुद्दों पर योगी सरकार की आँख में आँख डालकर सवाल करने वाले भाई रजत चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्यवाही अत्यंत निंदनीय और कायराना है। संघर्ष के इस वक्त में हम सब अपने भाई रजत चौधरी के साथ हैं। रजत चौधरी को रिहा करो।

