रोहित दुबे के “लेटर टू माय सन’ को अमेजॉन पर मिला बेस्ट सेलर सम्मान

रोहित दुबे के “लेटर टू माय सन’ को अमेजॉन पर मिला बेस्ट सेलर सम्मान

नगर के श्रीकृष्ण नगर निवासी रोहित दुबे ने अपनी लेखनी, विचारों और वक्तृत्व के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बक्सर की पहचान को नई ऊंचाई दी है। स्वर्गीय डॉ. बैजनाथ दुबे के पुत्र रोहित की रचनाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कई बार सम्मान मिल चुका है। उनकी चर्चित पुस्तक लेटर टू माय सन को अमेजॉन पर बेस्ट सेलर सम्मान भी मिल चुका है। रोहित की उपलब्धियों के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी भी है। पिता के निधन के बाद उनके जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए। परिस्थितियां आसान नहीं थीं, लेकिन उन्होंने मुश्किलों को अपनी राह की दीवार बनने नहीं दिया। चुनौतियों के बीच उन्होंने खुद को संभाला, अपनी प्रतिभा को तराशा और लगातार आगे बढ़ते रहे। आखिरकार उनकी मेहनत और प्रतिभा ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बना ली। रोहित दुबे की पुस्तक 30 लेसंस नॉट टॉट इन स्कूल और लेटर टू माय सन युवाओं के जीवन, व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और व्यावहारिक सीख जैसे विषयों को केंद्र में रखती हैं। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के वार्षिक साहित्यिक सम्मेलन में रोहित ने युवाओं, जीवन-मूल्यों, व्यक्तित्व विकास और जीवन से मिलने वाली महत्वपूर्ण सीख पर अपने विचार साझा किए। नगर के श्रीकृष्ण नगर निवासी रोहित दुबे ने अपनी लेखनी, विचारों और वक्तृत्व के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बक्सर की पहचान को नई ऊंचाई दी है। स्वर्गीय डॉ. बैजनाथ दुबे के पुत्र रोहित की रचनाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कई बार सम्मान मिल चुका है। उनकी चर्चित पुस्तक लेटर टू माय सन को अमेजॉन पर बेस्ट सेलर सम्मान भी मिल चुका है। रोहित की उपलब्धियों के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी भी है। पिता के निधन के बाद उनके जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए। परिस्थितियां आसान नहीं थीं, लेकिन उन्होंने मुश्किलों को अपनी राह की दीवार बनने नहीं दिया। चुनौतियों के बीच उन्होंने खुद को संभाला, अपनी प्रतिभा को तराशा और लगातार आगे बढ़ते रहे। आखिरकार उनकी मेहनत और प्रतिभा ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बना ली। रोहित दुबे की पुस्तक 30 लेसंस नॉट टॉट इन स्कूल और लेटर टू माय सन युवाओं के जीवन, व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और व्यावहारिक सीख जैसे विषयों को केंद्र में रखती हैं। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के वार्षिक साहित्यिक सम्मेलन में रोहित ने युवाओं, जीवन-मूल्यों, व्यक्तित्व विकास और जीवन से मिलने वाली महत्वपूर्ण सीख पर अपने विचार साझा किए।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *