डीआरएम वेद प्रकाश ने विभिन्न स्टेशनों एवं माल परिवहन सुविधाओं का किया निरीक्षण
अहमदाबाद. अहमदाबाद के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) वेद प्रकाश ने वरिष्ठ रेल अधिकारियों के साथ मंडल के विभिन्न स्टेशनों एवं माल परिवहन से संबंधित सुविधाओं का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने यात्री सुविधाओं, रेल संचालन, संरक्षा, स्वच्छता तथा माल परिवहन जुड़ी व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। साथ ही इन्हें और बेहतर बनाने पर जोर देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
स्टेशन एवं एमएमसीटी का निरीक्षण
डीआरएम ने देवलिया रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं, स्टेशन की व्यवस्थाओं एवं रेल परिचालन से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मल्टी मॉडल कार्गो टर्मिनल (एमएमसीटी) की लोडिंग-अनलोडिंग साइडिंग का निरीक्षण किया। उन्होंने रेल आधारित मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देने तथा माल परिवहन को अधिक सुगम, तेज, सुरक्षित एवं प्रभावी बनाने की दिशा में आवश्यक व्यवस्थाओं पर जोर दिया।अहमदाबाद मंडल के गांधीधाम-भीमासर सेक्शन स्थित भीमासर रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन पर नमक की लोडिंग एवं अनलोडिंग के लिए विकसित आधुनिक साइडिंग का जायजा लिया।
सामख्याली-पालनपुर सेक्शन में शिवलखा स्थित गतिशक्ति कार्गो टर्मिनस का भी निरीक्षण किया। इसके तहत रेलवे वैगन निर्माण के साथ-साथ कंटेनर ट्रैफिक के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति देने के साथ-साथ लगभग 2,000 व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न करने में भी सहायक होगी।
नव विकसित गोपालपुर रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेशन पर यात्रियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं, स्टेशन परिसर की व्यवस्थाओं तथा उद्घाटन कार्यक्रम से संबंधित तैयारियों का जायजा लिया।
सौराष्ट्र जनता एक्सप्रेस ट्रेन के बायो-टॉयलेट से यात्री के खोए सोने के दो पेंडेंट बरामद
भावनगर. पश्चिम रेलवे के भावनगर मंडल ने सौराष्ट्र जनता एक्सप्रेस ट्रेन (नंं. 19218) के कोच संख्या बी2 के बायो-टॉयलेट से यात्री के खोए सोने के दो पेंडेंट बरामद किए।
जानकारी के अनुसार, यात्री चिति विशे ने यात्रा के दौरान सोने के दो पेंडेंट खो जाने के संबंध में रेलमदद पर 1 सितंबर को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत प्राप्त होते ही भावनगर मंडल के संबंधित कोचिंग स्टाफ द्वारा 2 सितंबर को बायो-टॉयलेट की जांच की गई। हालांकि, प्रारंभिक जांच में आभूषण बरामद नहीं हो सके।
संबंधित कोच को 11 सितंबर को भावनगर कोचिंग डिपो की सिक लाइन में अलग कर बायो-टॉयलेट की पुनः विस्तृत एवं तकनीकी जांच की गई।
मंडल रेल प्रबंधक दिनेश वर्मा के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर एस. के. मिश्रा के निर्देशन में तकनीकी टीम द्वारा बायो-टॉयलेट को सावधानीपूर्वक खोलकर उसके विभिन्न घटकों की क्रमबद्ध एवं गहन जांच की गई। तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण इस कार्य में टीम द्वारा धैर्य, सतर्कता एवं तकनीकी दक्षता के साथ लगातार प्रयास किए गए। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप जांच के दौरान यात्री द्वारा बताए गए सोने के दोनों पेंडेंट बरामद कर लिए गए।
बरामद आभूषणों को निर्धारित रेलवे प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित अभिरक्षा में रखा गया है। यात्री को दूरभाष के माध्यम से आभूषणों की बरामदगी की सूचना दे दी गई है तथा आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद उन्हें आभूषण प्राप्त करने के लिए सूचित किया गया है।

