रूपौली आईसीडीएस ऑफिस में सेविका पति का कब्जा, हेडक्लर्क की कुर्सी पर बैठ कर रहा काम

रूपौली आईसीडीएस ऑफिस में सेविका पति का कब्जा, हेडक्लर्क की कुर्सी पर बैठ कर रहा काम

प्रवीण कुमार | रूपौली आईसीडीएस कार्यालय रूपौली में कथित रूप से अधिकारियों की मौन स्वीकृति पर सीसीटीवी कैमरे के नीचे बैठकर सेविका पति सरकारी कार्यों का निष्पादन कर रहा है। भास्कर स्टिंग में सेविका पति कामों को अंजाम देते नजर आए। दो बजे अचानक आईसीडीएस कार्यालय का ताला एक व्यक्ति खोलता दिखा। उसके पीछे तीन महिलाएं अंदर प्रवेश करती हैं। वहां कोई कार्यालय के सरकारी कर्मी नहीं थे। हेड क्लर्क की चेयर पर बैठा शख्स अपना नाम रूपेश कुमार बताया। वह खुद का परिचय धूसर गांव के वार्ड-14 में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका अनिता देवी के पति के रूप में देता है। उन्होंने बताया कि वह इस कार्यालय में पिछले कुछ वर्षों से सभी सरकारी कार्यों को संचालित करते हैं। तीनों महिलाओं ने आंगनबाड़ी केंद्र की पंजी और कुछ रिपोर्ट्स के कागजात सेविका पति को दी। रूपेश बेफिक्र किसी स्थायी हेड क्लर्क के स्टाइल में सेविका से जरूरी रिपोर्ट्स जमा लिया। इसके बाद जरूरी दिशा निर्देश देते हुए पॉकेट से चाबी निकालकर आईसीडीएस कार्यालय के महत्वपूर्ण पंजी रखने वाली एक अलमीरा को खोलकर उसमें डॉक्यूमेंट रखा। रिपोर्टर – भाड़े पर चल रहे केंद्र का किराया कितने दिनों से नहीं आया है। कब तक आने की उम्मीद है। सेविका पति – बस दो-तीन दिन में केंद्र का भाड़ा मकान मालिक के एकाउंट में चला जाएगा। अभी उसका काम कर रहे हैं। रिपोर्टर – मेरे दरवाजे पर भी एक केंद्र की सेविका कुछ दिनों तक भाड़े पर लेकर केंद्र का संचालन की थी। अभी बिना बताए दूसरी जगह चली गई। सेविका पति – कोई दिक्कत नहीं, 24 अक्टूबर तक आप अपने संबंधित जमीन के कागजात और बैंक एकाउंट का डिटेल्स दे दीजिए। पूरी गारंटी लेते हैं कि आपके खाते में तीन-चार दिन में मकान का भाड़ा भेज देंगे। रिपोर्टर – लीगल वे में भेजिएगा या इलीगल वे में जाएगा। सेविका पति – आप निश्चित रहिए। जो भी होगा ठोक-बजाकर बिल्कुल सही तरीके से होगा। ^यदि अकेले में कोई कर्मी कार्यालय खोलकर सरकारी कार्य निष्पादित किया है तो उसकी जांच कर कार्रवाई करेंगे। ऐसे हैंड की कमी है। यहां क्लर्क नहीं है। एक डेटा ऑपरेटर के सहारे सब काम करवाना संभव नहीं है। इसलिए प्राइवेट आदमी को रखकर विभागीय कार्यों का निष्पादन करते हैं। – शिप्रा भारद्वाज, प्रभारी सीडीपीओ डीएम के निर्देश पर प्रखंड परिसर में ही नहीं अमूमन सभी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाकर स्वच्छ तरीके से कार्यों के निष्पादन का प्रयास किया गया है। प्रखंड कार्यालय, अंचल कार्यालय, बाल विकास परियोजना कार्यालय में कर्मियों की उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक्स की सुविधा की गई है। प्रवीण कुमार | रूपौली आईसीडीएस कार्यालय रूपौली में कथित रूप से अधिकारियों की मौन स्वीकृति पर सीसीटीवी कैमरे के नीचे बैठकर सेविका पति सरकारी कार्यों का निष्पादन कर रहा है। भास्कर स्टिंग में सेविका पति कामों को अंजाम देते नजर आए। दो बजे अचानक आईसीडीएस कार्यालय का ताला एक व्यक्ति खोलता दिखा। उसके पीछे तीन महिलाएं अंदर प्रवेश करती हैं। वहां कोई कार्यालय के सरकारी कर्मी नहीं थे। हेड क्लर्क की चेयर पर बैठा शख्स अपना नाम रूपेश कुमार बताया। वह खुद का परिचय धूसर गांव के वार्ड-14 में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका अनिता देवी के पति के रूप में देता है। उन्होंने बताया कि वह इस कार्यालय में पिछले कुछ वर्षों से सभी सरकारी कार्यों को संचालित करते हैं। तीनों महिलाओं ने आंगनबाड़ी केंद्र की पंजी और कुछ रिपोर्ट्स के कागजात सेविका पति को दी। रूपेश बेफिक्र किसी स्थायी हेड क्लर्क के स्टाइल में सेविका से जरूरी रिपोर्ट्स जमा लिया। इसके बाद जरूरी दिशा निर्देश देते हुए पॉकेट से चाबी निकालकर आईसीडीएस कार्यालय के महत्वपूर्ण पंजी रखने वाली एक अलमीरा को खोलकर उसमें डॉक्यूमेंट रखा। रिपोर्टर – भाड़े पर चल रहे केंद्र का किराया कितने दिनों से नहीं आया है। कब तक आने की उम्मीद है। सेविका पति – बस दो-तीन दिन में केंद्र का भाड़ा मकान मालिक के एकाउंट में चला जाएगा। अभी उसका काम कर रहे हैं। रिपोर्टर – मेरे दरवाजे पर भी एक केंद्र की सेविका कुछ दिनों तक भाड़े पर लेकर केंद्र का संचालन की थी। अभी बिना बताए दूसरी जगह चली गई। सेविका पति – कोई दिक्कत नहीं, 24 अक्टूबर तक आप अपने संबंधित जमीन के कागजात और बैंक एकाउंट का डिटेल्स दे दीजिए। पूरी गारंटी लेते हैं कि आपके खाते में तीन-चार दिन में मकान का भाड़ा भेज देंगे। रिपोर्टर – लीगल वे में भेजिएगा या इलीगल वे में जाएगा। सेविका पति – आप निश्चित रहिए। जो भी होगा ठोक-बजाकर बिल्कुल सही तरीके से होगा। ^यदि अकेले में कोई कर्मी कार्यालय खोलकर सरकारी कार्य निष्पादित किया है तो उसकी जांच कर कार्रवाई करेंगे। ऐसे हैंड की कमी है। यहां क्लर्क नहीं है। एक डेटा ऑपरेटर के सहारे सब काम करवाना संभव नहीं है। इसलिए प्राइवेट आदमी को रखकर विभागीय कार्यों का निष्पादन करते हैं। – शिप्रा भारद्वाज, प्रभारी सीडीपीओ डीएम के निर्देश पर प्रखंड परिसर में ही नहीं अमूमन सभी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाकर स्वच्छ तरीके से कार्यों के निष्पादन का प्रयास किया गया है। प्रखंड कार्यालय, अंचल कार्यालय, बाल विकास परियोजना कार्यालय में कर्मियों की उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक्स की सुविधा की गई है।  

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