रीवा के संजय गांधी अस्पताल में मरीज की हालत बिगड़ी:परिजन बोले- डॉक्टरों की लापरवाही से शरीर में कीड़े पड़े, प्रबंधन ने आरोपों को बताया निराधार

रीवा के संजय गांधी अस्पताल में मरीज की हालत बिगड़ी:परिजन बोले- डॉक्टरों की लापरवाही से शरीर में कीड़े पड़े, प्रबंधन ने आरोपों को बताया निराधार

संजय गांधी अस्पताल एक बार फिर मरीजों के इलाज और व्यवस्थाओं को लेकर सवालों में है। सतना निवासी अर्चना गुप्ता के परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज और देखरेख में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों के मुताबिक, 30 अगस्त को स्कूटी हादसे के बाद अर्चना को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भर्ती के समय वह बातचीत कर रही थीं और उनकी हालत सामान्य थी। करीब पांच दिन बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप- शरीर में कीड़े पड़ने जैसी स्थिति बनी परिजनों का आरोप है कि इलाज और देखरेख में लापरवाही के कारण अर्चना की हालत गंभीर हो गई। उनके शरीर में कीड़े पड़ने जैसी स्थिति सामने आई। परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल ले जाना चाहते थे, लेकिन उनका दावा है कि डॉक्टरों ने रेफर नहीं किया। मामला तब और बढ़ गया, जब परिजन मरीज की हालत का वीडियो बनाने के लिए आईसीयू पहुंचे। आरोप है कि वहां मौजूद डॉक्टर ने उनका मोबाइल फोन जब्त कर लिया। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और जिम्मेदार डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की। आईसीयू-2 में भर्ती, बेटी ने जांच की मांग की फिलहाल अर्चना गुप्ता को संजय गांधी अस्पताल के आईसीयू नंबर-2 में भर्ती बताया जा रहा है। उनकी बेटी नैंसी गुप्ता ने डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। दो सप्ताह में तीन अन्य मामलों से भी उठे सवाल संजय गांधी अस्पताल में पिछले दो सप्ताह में तीन अन्य मामले भी सामने आए हैं। इनमें कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत का मामला शामिल है। परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप लगाए थे। मामले में अस्पताल के डॉक्टरों और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई भी हुई है। इसके बाद अस्पताल में एक जीवित व्यक्ति को मृत घोषित किए जाने का मामला सामने आया। परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों ने इसे लेकर अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। इसी दौरान एक युवक ने आरोप लगाया था कि कुत्ते के काटने के बाद एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंचे तो उसे कथित तौर पर एंटी रेबीज की जगह एंटी वेनम यानी सर्पदंश का इंजेक्शन लगा दिया गया। अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को बताया निराधार अस्पताल प्रबंधन ने अर्चना के परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। प्रबंधन के मुताबिक, अर्चना का इलाज चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के अनुसार किया जा रहा है और डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज की वास्तविक स्थिति और इलाज में लापरवाही हुई या नहीं, यह मेडिकल रिकॉर्ड और चिकित्सकीय जांच के आधार पर ही स्पष्ट होगा। अर्चना के मामले में जांच के बाद ही आरोपों की सच्चाई और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।

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