रिश्वत के लिए 8 दिन में 45 कॉल:एसटीएफ दरोगा पर FIR का मामला, हरियाणा पुलिस को कॉल रिकॉर्डिंग-व्हाट्सएप चैट भी सौंपे

रिश्वत के लिए 8 दिन में 45 कॉल:एसटीएफ दरोगा पर FIR का मामला, हरियाणा पुलिस को कॉल रिकॉर्डिंग-व्हाट्सएप चैट भी सौंपे

एसटीएफ में तैनात दरोगा रणेन्द्र कुमार सिंह पर रिश्वत मांगने के आरोप में दर्ज मुकदमे में नई जानकारी सामने आई है। हरियाणा के हिसार निवासी शिकायतकर्ता मनवीर सिंह उर्फ मन्नू ने हरियाणा पुलिस को बताया है कि दरोगा ने 1 से 9 फरवरी 2026 के बीच आठ दिन में उसे 45 बार कॉल किया। अब इस मामले में उन लोगों की भूमिका भी जांच का अहम हिस्सा हो सकती है, जिनके माध्यम से रुपये मंगवाने के लिए स्कैनर भेजे जाने का आरोप है। इनमें हिमांशु नाम के युवक का जिक्र है। मामले की जांच के लिए हरियाणा पुलिस की टीम प्रयागराज भी आ सकती है। स्कैनर भेजने वाला हिमांशु कौन?
शिकायतकर्ता ने दरोगा के साथ हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट हरियाणा पुलिस की स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो की हिसार यूनिट को सौंपे थे। शिकायत के विश्लेषण में एक फरवरी 2026 की रिकॉर्डिंग के आधार पर आरोप लगाया गया कि दरोगा ने किसी दूसरे व्यक्ति के माध्यम से स्कैनर भेजकर कुर्सी और मेज खरीदने के लिए 35 हजार रुपये मांगे। इसी दिन की एक अन्य रिकॉर्डिंग में हिमांशु नाम के युवक के स्कैनर पर 10 हजार रुपये डालने के लिए कहने का आरोप है। गाय-भैंस, जर्मन शेफर्ड कुत्ते की भी मांग का आरोप
शिकायतकर्ता के मुताबिक, दरोगा ने अलग-अलग लोगों के माध्यम से स्कैनर भेजकर रुपये मंगवाने की बात कही थी। ऐसे में जांच के दौरान यह पता लगाना अहम होगा कि संबंधित स्कैनर किसके बैंक खाते या भुगतान माध्यम से जुड़े थे और उनके जरिए रुपये भेजे गए थे या नहीं। बता दें कि शिकायतकर्ता ने दरोगा पर मुकदमे से नाम निकलवाने के बदले गाय, भैंस और जर्मन शेफर्ड कुत्ते की मांग करने और कुर्सी-मेज खरीदने के नाम पर भी रुपये मांगने का आरोप लगाया है। 17 फरवरी को शिकायत, 25 फरवरी से जांच शुरू
मनवीर सिंह ने 17 फरवरी 2026 को हिसार की स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो यूनिट के अधिकारियों से शिकायत की थी। इसके साथ दरोगा से बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी गई थी। शिकायत की प्रारंभिक जांच 25 फरवरी को शुरू हुई। इस दौरान रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट का विश्लेषण किया गया। 14 अगस्त को डीजी ने दी सहमति
जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई। 15 जुलाई को दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति के साथ रिपोर्ट डीजी, स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो, हरियाणा के कार्यालय भेजी गई। वहां से 14 अगस्त को मुकदमा दर्ज करने की सहमति मिलने के बाद 6 अक्टूबर 2026 को हिसार में दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। शराब तस्करी के मुकदमे से जुड़ा है मामला
दरोगा रणेन्द्र कुमार सिंह उत्तर प्रदेश एसटीएफ, प्रयागराज में तैनात हैं। शिकायतकर्ता मनवीर सिंह के खिलाफ प्रयागराज के नवाबगंज थाने में 2 सितंबर 2023 को अवैध शराब की तस्करी के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में दरोगा रणेन्द्र वादी भी हैं। हरियाणा से बिहार भेजी जाती है खेप
दरोगा की तहरीर के अनुसार, हरियाणा से अवैध तरीके से अंग्रेजी शराब बिहार ले जाई जा रही थी। मनवीर से मिली सूचना के आधार पर दरोगा और उनकी टीम ने नवाबगंज में शराब पकड़ी थी। बाद में विवेचना के दौरान मनवीर का नाम भी सामने आया था। उधर शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी मुकदमे से नाम निकलवाने के बदले दरोगा ने उससे रिश्वत मांगी।
अब हरियाणा में मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच में कॉल डिटेल, ऑडियो रिकॉर्डिंग, व्हाट्सएप चैट और स्कैनर के इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। हरियाणा पुलिस की टीम प्रयागराज आती है तो संबंधित लोगों से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा सकती है।

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