इलाहाबाद-झांसी स्नातक खंड विधान परिषद चुनाव में सपा प्रत्याशी मानसिंह यादव ने नामांकन दाखिल करने के बाद जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस चुनाव में उसकी दाल नहीं गलने वाली। सपा का एजेंडा युवाओं को बेहतर शिक्षा, स्नातकों को रोजगार और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता देना है। मानसिंह यादव ने कहा कि 2027 में सपा की सरकार बनने पर युवाओं, कर्मचारियों और स्नातकों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने पेपर लीक, सरकारी नौकरियों में कटौती और शिक्षण संस्थानों से जुड़े मुद्दे उठाते हुए दावा किया कि युवा अब भाजपा के वादों में नहीं फंसेंगे। भर्ती परीक्षाओं के लिए नियमित कैलेंडर जारी करने का वादा सपा प्रत्याशी ने कहा कि पार्टी के घोषणा पत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नियमित और पारदर्शी भर्ती कैलेंडर जारी करने का वादा किया गया है। इससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की बात भी कही। मानसिंह यादव के मुताबिक, वित्तविहीन शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, ग्राम रोजगार सेवकों, डीएलएड प्रशिक्षुओं और टीईटी पास अभ्यर्थियों के हितों का भी ध्यान रखा जाएगा। टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली लागू करने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों के मुद्दे उठाने के साथ अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन लॉ लागू करने का भी वादा किया। बोले- युवा अब अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे मानसिंह यादव ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी से परेशान है। युवा अपने हक के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार रोजगार देने के बजाय युवाओं के अधिकार छीन रही है। प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों पर लाठियां चलवाई गईं और आंदोलनों पर पाबंदियां लगाई गईं। उन्होंने कहा कि सपा युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है और इस चुनाव में युवा वर्ग पार्टी का अहम मतदाता होगा। सरकारी स्कूल बंद करने और नौकरियां घटाने का आरोप सपा प्रत्याशी ने भाजपा सरकार पर सरकारी विद्यालय बंद करने और सरकारी नौकरियों के पदों में कटौती करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि इससे युवाओं के शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को असल मुद्दों से भटकाकर मंदिर-मस्जिद के विवादों में उलझा रही है। मानसिंह यादव ने दावा किया कि सपा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा और शिक्षकों को सम्मान दिया गया था। उनके मुताबिक, वित्तविहीन शिक्षकों के लिए 200 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया था, जिसे भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद बंद कर दिया। 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का मुद्दा उठाया मानसिंह यादव ने कहा कि भाजपा और उसके प्रत्याशी के पास बताने के लिए कोई उपलब्धि नहीं है। उन्होंने 69000 शिक्षक भर्ती के आंदोलनरत अभ्यर्थियों का जिक्र करते हुए कहा कि वे सरकार से सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन भाजपा नेताओं के पास जवाब नहीं है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर बेरोजगारों को भत्ता दिया गया, मेधावी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप मिले और सरकारी विभागों में भर्तियां की गईं। मानसिंह यादव ने भरोसा जताया कि स्नातक, शिक्षक और युवा इस बार एकजुट होकर सपा के पक्ष में मतदान करेंगे। उन्होंने कहा कि सदन में स्नातकों की आवाज उठाना जारी रखेंगे और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया व रोजगार के वादे को पूरा करने के लिए काम करेंगे।

