भोजपुर पुलिस ने कस्टम अधिकारी सह क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष रामकुमार सिंह की हत्या मामले में जांच तेज कर दी है। इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी चंदन सिंह के सिंगही गांव स्थित घर से एक काले रंग की थार गाड़ी, देसी पिस्टल, मैगजीन और दो गोलियां बरामद की गई है। बरामद पिस्टल की फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) से जांच कराई जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हत्या में इसी हथियार का इस्तेमाल हुआ था या नहीं। पुलिस ने हत्याकांड में संलिप्त तीन शूटरों पिंटू, पवन और नन्हें की पहचान कर ली है। गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के लिए पिंटू को अक्टूबर के पहले सप्ताह में करीब दो लाख रुपए एडवांस के तौर पर दिए गए थे। इसके बाद उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश को अंजाम दिया। तीन शूटरों की पहचान, राज्य से बाहर भी छापेमारी पुलिस के अनुसार, रामकुमार सिंह हत्याकांड में पिंटू, पवन और नन्हें की संलिप्तता सामने आई है। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस बिहार के बाहर भी संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। जांच में वारदात से पहले कई दिनों तक रेकी किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब आरोपियों के आपसी संपर्क, घटना से पहले की गतिविधियों और हत्या की साजिश में उनकी भूमिका की पड़ताल कर रही है।
चंदन के खिलाफ पहले से पांच आपराधिक मामले पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी चंदन सिंह के खिलाफ आरा टाउन थाना में तीन और मुफस्सिल थाना में दो पूर्व के आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके घर से थार गाड़ी और हथियारों की बरामदगी को भी जांच के दायरे में रखा गया है। बरामद पिस्टल की एफएसएल जांच से हत्या में उसके इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। गिरफ्तारी से बचने के लिए चंदन सिंह और अभिषेक कुमार ने सिलीगुड़ी और गंगटोक में नाम बदलकर ठिकाना बनाया था। बताया जा रहा है कि चंदन ने होटल में अपना नाम हर्षित बताया था। उसके पास हर्षित नाम से बना आधार कार्ड भी था। यहां तक कि उसने हवाई यात्रा का टिकट भी इसी नाम से बनवाया था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपितों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए किन-किन स्थानों पर शरण ली थी। घर के नीचे मारी थी गोली बता दें, 15 अक्टूबर की सुबह कनकपुरी मोहल्ले में रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद आरोपी बाइक से फरार हो गए थे। इस मामले में मृतक के पुत्र अमित ने 14 नामजद आरोपितों समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस अब शूटरों की गिरफ्तारी, हथियारों की जांच और हत्या की साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल में जुटी है। भोजपुर पुलिस ने कस्टम अधिकारी सह क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष रामकुमार सिंह की हत्या मामले में जांच तेज कर दी है। इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी चंदन सिंह के सिंगही गांव स्थित घर से एक काले रंग की थार गाड़ी, देसी पिस्टल, मैगजीन और दो गोलियां बरामद की गई है। बरामद पिस्टल की फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) से जांच कराई जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हत्या में इसी हथियार का इस्तेमाल हुआ था या नहीं। पुलिस ने हत्याकांड में संलिप्त तीन शूटरों पिंटू, पवन और नन्हें की पहचान कर ली है। गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के लिए पिंटू को अक्टूबर के पहले सप्ताह में करीब दो लाख रुपए एडवांस के तौर पर दिए गए थे। इसके बाद उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश को अंजाम दिया। तीन शूटरों की पहचान, राज्य से बाहर भी छापेमारी पुलिस के अनुसार, रामकुमार सिंह हत्याकांड में पिंटू, पवन और नन्हें की संलिप्तता सामने आई है। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस बिहार के बाहर भी संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। जांच में वारदात से पहले कई दिनों तक रेकी किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब आरोपियों के आपसी संपर्क, घटना से पहले की गतिविधियों और हत्या की साजिश में उनकी भूमिका की पड़ताल कर रही है।
चंदन के खिलाफ पहले से पांच आपराधिक मामले पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी चंदन सिंह के खिलाफ आरा टाउन थाना में तीन और मुफस्सिल थाना में दो पूर्व के आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके घर से थार गाड़ी और हथियारों की बरामदगी को भी जांच के दायरे में रखा गया है। बरामद पिस्टल की एफएसएल जांच से हत्या में उसके इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। गिरफ्तारी से बचने के लिए चंदन सिंह और अभिषेक कुमार ने सिलीगुड़ी और गंगटोक में नाम बदलकर ठिकाना बनाया था। बताया जा रहा है कि चंदन ने होटल में अपना नाम हर्षित बताया था। उसके पास हर्षित नाम से बना आधार कार्ड भी था। यहां तक कि उसने हवाई यात्रा का टिकट भी इसी नाम से बनवाया था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपितों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए किन-किन स्थानों पर शरण ली थी। घर के नीचे मारी थी गोली बता दें, 15 अक्टूबर की सुबह कनकपुरी मोहल्ले में रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद आरोपी बाइक से फरार हो गए थे। इस मामले में मृतक के पुत्र अमित ने 14 नामजद आरोपितों समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस अब शूटरों की गिरफ्तारी, हथियारों की जांच और हत्या की साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल में जुटी है।

