राहुल गांधी की सेना पर टिप्पणी के मामले में शिकायतकर्ता ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की है। इस पर कोर्ट ने कहा कि इसके लिए आवेदन दाखिल करें। शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने लंबे समय से सुनवाई न होने पर कहा, राहुल गांधी कोई ऐसे महत्वपूर्ण व्यक्ति (VVIP) नहीं हैं कि रजिस्ट्री महीनों से मामले को लिस्ट नहीं कर रही है। उनकी बात का जवाब देते हुए CJI सूर्य कांत ने कहा, ‘हमें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि मामला किसका है। हमारे सामने सब एक समान हैं। आप प्रक्रिया का पालन करते हुए आवेदन दाखिल कीजिए। सुनवाई जरूर की जाएगी।
सेना पर टिप्पणी का मामला यह मामला 2022 की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारतीय सेना पर की गई टिप्पणी से जुड़ा है। राहुल गांधी ने इस मामले में अपने खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही को चुनौती दी है।
16 दिसंबर 2022 को राहुल ने अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सैनिकों के बीच हुई झड़प को लेकर बयान दिया था।
पूर्व BRO निदेशक उदय शंकर श्रीवास्तव ने राहुल के खिलाफ शिकायत की थी। उनका आरोप है कि बयान से सेना की छवि और उनके मनोबल को नुकसान पहुंचा। हाईकोर्ट ने राहुल की याचिका खारिज की थी इस मामले में लखनऊ की MP-MLA कोर्ट ने 11 फरवरी 2025 को राहुल को तलब किया था। इसके बाद राहुल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी।
हाईकोर्ट ने कहा था कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर भारतीय सेना के खिलाफ बयान नहीं दिया जा सकता। इसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट ने कार्यवाही पर रोक लगाई सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त 2025 को मामले की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राहुल के उस दावे पर सवाल उठाया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि चीन ने भारतीय क्षेत्र के करीब 2,000 वर्ग किलोमीटर हिस्से पर कब्जा किया है।
कोर्ट ने पूछा था कि इस दावे के समर्थन में उनके पास क्या विश्वसनीय सामग्री है। दिसंबर 2025 में अपील स्वीकार हुई सुप्रीम कोर्ट ने 4 दिसंबर 2025 को कोर्ट ने उनकी अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया। साथ ही पहले से लगी अंतरिम रोक को जारी रखा गया। ——————— ये खबर भी पढ़ें: मोदी मानहानि केस में राहुल गांधी की याचिका खारिज:हाईकोर्ट ने 2019 का समन रद्द करने से इनकार किया; राजस्थान में ‘चौकीदार चोर है’ कहा था बॉम्बे हाईकोर्ट ने पीएम मोदी से जुड़े मानहानि मामले में राहुल गांधी की याचिका खारिज कर दी। उन्होंने 2019 में जारी मजिस्ट्रेट कोर्ट के समन को रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, कोर्ट ने निचली अदालत में मानहानि की शिकायत पर सुनवाई छह हफ्ते तक टालने का आदेश बढ़ा दिया। इससे राहुल को इस दौरान मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं होना पड़ेगा। उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल करने के लिए समय मांगा था। पढ़ें पूरी खबर…

