सुल्तानपुर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व रायबरेली सांसद राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि केस में गुरुवार को एमपी/एमएलए कोर्ट में बचाव पक्ष की बहस हुई। राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने करीब सवा घंटे तक अपना पक्ष रखा। इसके बाद मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने मामले में अगली सुनवाई के लिए शुक्रवार की तारीख तय की है। गुरुवार को करीब 4 बजे कोर्ट की कार्रवाई पूरी हुई। मामला वर्ष 2018 में बेंगलुरु में तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है। भाजपा नेता और जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन विजय मिश्र ने 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दाखिल किया था। 27 नवंबर 2023 को कोर्ट ने राहुल गांधी को विचारण के लिए तलब किया था। इसके बाद उन्होंने 20 फरवरी 2024 को अदालत में पेश होकर जमानत कराई थी। 26 जुलाई 2024 को उनका बयान भी दर्ज किया गया था। 2026 में दर्ज हुआ बयान 20 फरवरी 2026 को राहुल गांधी दोबारा कोर्ट में पेश हुए और सीआरपीसी की धारा 313 के तहत अपना बयान दर्ज कराया। इसी दौरान परिवादी विजय मिश्र ने राहुल गांधी के वॉयस सैंपल का मिलान कराने के लिए आवेदन दिया था। ट्रायल कोर्ट ने वॉयस सैंपल के मिलान की अर्जी खारिज कर दी। इसके खिलाफ दायर निगरानी अर्जी भी सेशन कोर्ट ने खारिज कर दी थी। इसके बाद परिवादी पक्ष ने दोनों अदालतों के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन वहां भी याचिका खारिज हो गई। परिवादी पक्ष की बहस पूरी होने के बाद बचाव पक्ष ने रखा पक्ष मामले में अंतिम बहस की प्रक्रिया चल रही है। परिवादी भाजपा नेता विजय मिश्र की ओर से अधिवक्ता संतोष पांडेय बहस कर चुके हैं। इसके बाद गुरुवार को राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने बचाव पक्ष की ओर से करीब सवा घंटे तक बहस की। मामले में शुक्रवार को आगे की सुनवाई होगी।

