‘राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं या अराजकता के खलनायक?’:दरभंगा में संजय सरावगी बोले- दिल्ली में विपक्ष का प्रदर्शन पूरी तरह फ्लॉप

‘राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं या अराजकता के खलनायक?’:दरभंगा में संजय सरावगी बोले- दिल्ली में विपक्ष का प्रदर्शन पूरी तरह फ्लॉप

दरभंगा में बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कल CJP की ओर से किया गया प्रदर्शन पूरी तरह फ्लॉप रहा। प्रदर्शन को न तो छात्रों का समर्थन मिला और न ही जनता का। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल देश में राजनीतिक अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे जनता और सरकार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी। संजय सरावगी ने राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं या अराजकता के खलनायक? आज राहुल गांधी पूरे देश में घूम-घूमकर खलनायक की भूमिका में नजर आने लगे हैं। सरावगी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल के बीच इस बात को लेकर प्रतिस्पर्धा चल रही है कि कौन बड़ा खलनायक बनेगा। ये बाते सरावगी ने रविवार को अपने आवासीय कार्यालय में कही है। सीजेपी को छात्र हितों से कोई मतलब नहीं : सरावगी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सीजेपी का जिक्र करते हुए कहा कि पहले लोगों को लगता था कि यह संगठन छात्रों के हितों की बात करता है, लेकिन अब इसकी वास्तविकता सामने आ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीजेपी को न तो छात्र आंदोलन से कोई वास्तविक मतलब है और न ही छात्रों के हितों से। उनके अनुसार, विपक्षी नेता ऐसे संगठनों के कंधे पर सवार होकर राजनीतिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। सरावगी ने कहा कि विपक्ष के इस तरह के प्रदर्शन से जनता प्रभावित नहीं हुई है। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन को छात्रों और आम लोगों का समर्थन नहीं मिलना इस बात का संकेत है कि जनता विपक्ष की राजनीति को समझ रही है।
एसआईआर को बताया व्यापक और समय लेने वाली प्रक्रिया मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर उठ रहे सवालों पर संजय सरावगी ने कहा कि यह एक बड़ी और व्यापक प्रक्रिया है। इसे पूरा करने में करीब 150 दिन लग सकते हैं। प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों को भी शामिल किया जाता है। इसके अलावा ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद आपत्तियां दर्ज कराने और उनके निराकरण की व्यवस्था रहती है। सरावगी ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के करीब 35 लाख बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) और लगभग 10 लाख सरकारी बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) की भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया निर्धारित चरणों के तहत पूरी की जाती है। यदि किसी को कोई विशेष आपत्ति या समस्या है, तो उसे सामने लाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि आम जनता इस प्रक्रिया और इसके उद्देश्य को समझ रही है। उनके मुताबिक, मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय विपक्ष को अपनी आपत्तियां तथ्यों के साथ रखनी चाहिए। ‘फर्जी मतदाताओं के नाम हटने से विपक्ष को परेशानी’ संजय सरावगी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल फर्जी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने को लेकर परेशान हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले लोग फर्जी मतदान के सहारे राजनीतिक लाभ लेते रहे हैं। अब एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची की जांच हो रही है और संदिग्ध या फर्जी नामों को हटाने की प्रक्रिया चल रही है, तो विपक्ष को अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती नजर आ रही है। उन्होंने राहुल गांधी के उन बयानों का भी उल्लेख किया, जिनमें विभिन्न राज्यों में लाखों फर्जी मतदाताओं के होने का दावा किया गया है। सरावगी ने कहा कि जब विपक्ष के नेता खुद किसी राज्य में 50 लाख या 70 लाख फर्जी मतदाताओं की बात करते हैं, तो मतदाता सूची की जांच पर आपत्ति क्यों जताई जा रही है? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष का रवैया दोहरे मापदंड वाला है। दरभंगा में बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कल CJP की ओर से किया गया प्रदर्शन पूरी तरह फ्लॉप रहा। प्रदर्शन को न तो छात्रों का समर्थन मिला और न ही जनता का। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल देश में राजनीतिक अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे जनता और सरकार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी। संजय सरावगी ने राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं या अराजकता के खलनायक? आज राहुल गांधी पूरे देश में घूम-घूमकर खलनायक की भूमिका में नजर आने लगे हैं। सरावगी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल के बीच इस बात को लेकर प्रतिस्पर्धा चल रही है कि कौन बड़ा खलनायक बनेगा। ये बाते सरावगी ने रविवार को अपने आवासीय कार्यालय में कही है। सीजेपी को छात्र हितों से कोई मतलब नहीं : सरावगी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सीजेपी का जिक्र करते हुए कहा कि पहले लोगों को लगता था कि यह संगठन छात्रों के हितों की बात करता है, लेकिन अब इसकी वास्तविकता सामने आ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीजेपी को न तो छात्र आंदोलन से कोई वास्तविक मतलब है और न ही छात्रों के हितों से। उनके अनुसार, विपक्षी नेता ऐसे संगठनों के कंधे पर सवार होकर राजनीतिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। सरावगी ने कहा कि विपक्ष के इस तरह के प्रदर्शन से जनता प्रभावित नहीं हुई है। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन को छात्रों और आम लोगों का समर्थन नहीं मिलना इस बात का संकेत है कि जनता विपक्ष की राजनीति को समझ रही है।
एसआईआर को बताया व्यापक और समय लेने वाली प्रक्रिया मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर उठ रहे सवालों पर संजय सरावगी ने कहा कि यह एक बड़ी और व्यापक प्रक्रिया है। इसे पूरा करने में करीब 150 दिन लग सकते हैं। प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों को भी शामिल किया जाता है। इसके अलावा ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद आपत्तियां दर्ज कराने और उनके निराकरण की व्यवस्था रहती है। सरावगी ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के करीब 35 लाख बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) और लगभग 10 लाख सरकारी बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) की भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया निर्धारित चरणों के तहत पूरी की जाती है। यदि किसी को कोई विशेष आपत्ति या समस्या है, तो उसे सामने लाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि आम जनता इस प्रक्रिया और इसके उद्देश्य को समझ रही है। उनके मुताबिक, मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय विपक्ष को अपनी आपत्तियां तथ्यों के साथ रखनी चाहिए। ‘फर्जी मतदाताओं के नाम हटने से विपक्ष को परेशानी’ संजय सरावगी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल फर्जी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने को लेकर परेशान हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले लोग फर्जी मतदान के सहारे राजनीतिक लाभ लेते रहे हैं। अब एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची की जांच हो रही है और संदिग्ध या फर्जी नामों को हटाने की प्रक्रिया चल रही है, तो विपक्ष को अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती नजर आ रही है। उन्होंने राहुल गांधी के उन बयानों का भी उल्लेख किया, जिनमें विभिन्न राज्यों में लाखों फर्जी मतदाताओं के होने का दावा किया गया है। सरावगी ने कहा कि जब विपक्ष के नेता खुद किसी राज्य में 50 लाख या 70 लाख फर्जी मतदाताओं की बात करते हैं, तो मतदाता सूची की जांच पर आपत्ति क्यों जताई जा रही है? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष का रवैया दोहरे मापदंड वाला है।  

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