रेवाड़ी महिला की मौत के बाद पति पर आरोप,:परिजनों के आरोप: दूसरी शादी के बाद पत्नी को करता था प्रताड़ित

रेवाड़ी महिला की मौत के बाद पति पर आरोप,:परिजनों के आरोप: दूसरी शादी के बाद पत्नी को करता था प्रताड़ित

रेवाड़ी जिले के बावल के सरकारी अस्पताल में उपचार के दौरान एक महिला की मौत के बाद महिला की बहन सरिता ने अपने जीजा सुमेर सिंह सहित अन्य परिजनों पर बहन के साथ मारपीट करने और उसे प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार मारपीट के बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई थी। उसने आरोप लगाया कि तबीयत खराब होने के बावजूद पति उसे तुरंत अस्पताल लेकर नहीं गया। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर 9 अक्टूबर को महिला को बावल के सरकारी अस्पताल में दिखाने के लिए लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। महिला शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनकी बहन की बीमारी की वजह से देखभाल नही की गई है। इसलिए उनके पति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। 19 साल पहले हुई थी शादी, दूसरी शादी के बाद प्रताड़ना का आरोप शिकायतकर्ता सरिता के अनुसार, उसकी बहन सुनील की शादी करीब 19 साल पहले गांव शाहपुर निवासी सुमेर सिंह के साथ हुई थी। उसकी बहन के कोई संतान नहीं थी। आरोप है कि करीब सात साल पहले सुमेर सिंह ने बिना तलाक लिए मोनिका से दूसरी शादी कर ली। सुमेर सिंह के दो बच्चे भी है। दो माह एक सुमेर के बेटे होने पर गांव कुआं पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि दूसरी पत्नी के बच्चे होने के बाद उसकी बहन को परेशान किया जाने लगा। जिस कारण उसकी बहन की तबीयत अक्सर खराब रहती थी तथा परिजनों को भी उससे नही मिलने दिया जाता था। तबीयत बिगड़ने की सूचना पर पहुंची थी बहन सरिता ने शिकायत में बताया कि करीब पांच-छह दिन पहले उसकी बुआ ने फोन कर सुनील के साथ मारपीट होने और तबीयत खराब होने की जानकारी दी थी। वह बहन को देखने पहुंची तो उसने पति से अस्पताल ले जाने के लिए कहा, लेकिन आरोप है कि पति ने उसी समय अस्पताल ले जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद सरिता ने 7 अक्टूबर को पुलिस हेल्पलाइन 112 पर फोन किया था। पुलिस और एंबुलैस मौके पर भी पहुंची थी। पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें फोन पर सूचना दी थी कि उनकी बहन की तबीयत ज्यादा है। लेकिन सुमेर सिंह को मृतक सुनील को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए नही लेकर जाने दे रहा है। शिकायत के मुताबिक, पुलिस ने महिला को अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी। शिकायतकर्ता का आरोप उनकी बहन को नही मिलता था समय पर खाना शिकायतकर्ता का कहना है कि उनके जीजा का शादी करने के बाद उनकी बहन के प्रति रवैया पूरी तरह से बदल गया था। धीरे-धीरे उनकी बहन बीमार रहने लगी। कई बार उनकी बहन का खाना भी नही दिया जाता था। वह आसपास के लोगों से खाना मांगकर खाती थी। वहीं कई दूसरों से पैसे लेकर अपना उपचार कराती थी। महिला ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस दो दिन से कार्रवाई की बात कह रही है लेकिन एक बार भी उनके जीजा को पुलिस स्टेशन बुलाकर पुछताछ नही की गई। अस्पताल में हुई मौत, कार्रवाई की मांग करीब पांच दिन पहले भी उनकी बहन को चोट लगी थी। वह लगातार अपने जीजा को कॉल करके इलाज करने की बात कह रहे थे। लेकिन उनकी बहन का सही तरीके से उपचार नही कराया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि 9 अक्टूबर को उनकी बहन की तबीयत ज्यादा खराब थी, लेकिन उनका जीजा महिला को अस्पताल ले जाने के बजाय अपनी बहन के घर जाटवास ले गया। तबीयत ज्यादा खराब होने पर उसे बावल के सरकारी अस्पताल में लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। सरिता ने आरोप लगाया कि उसकी बहन की मौत के लिए संबंधित लोग जिम्मेदार हैं। उसने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। महिला की मौत के वास्तविक कारण और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। तीन दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं महिला की 9 अक्टूबर की सुबह मौत हुई थी। बावल थाना पुलिस ने दो दिन पोस्टमार्टम में लगा दिए है। थाना प्रभारी संजय सिंह का कहना है कि उनके पास शिकायत आई है। पुलिस की जांच जारी है।

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