रायपुर के दुर्गा कॉलेज में विश्व नदी दिवस पर आयोजन:100 से ज्यादा विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, वक्ताओं ने कहा- नदियों का संरक्षण हमारी जिम्मेदारी

रायपुर के दुर्गा कॉलेज में विश्व नदी दिवस पर आयोजन:100 से ज्यादा विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, वक्ताओं ने कहा- नदियों का संरक्षण हमारी जिम्मेदारी

विश्व नदी दिवस के अवसर पर भूगोल विभाग की ओर से व्याख्यान, प्रश्न मंच और नारा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की संयोजिका सुनीता चंसौरिया ने नदियों के महत्व और संरक्षण की जिम्मेदारी पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि नदियां अनादि काल से समाज और जीवन को पोषित करती आई हैं। इस वर्ष की थीम ‘जंगल नहीं तो नदियां नहीं, पानी नहीं तो जीवन नहीं’ रखी गई है।
मुख्य वक्ता और भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. पूर्णिमा शुक्ला ने कहा कि हमारे पूर्वज सदियों से नदियों के महत्व को समझते थे। इसी कारण नदियों को धर्म और संस्कृति से जोड़ा गया। ऋग्वेद के दसवें मंडल में नदी सूक्त में भी नदियों को समर्पित कई श्लोक हैं। उन्होंने कहा कि आज कई नगर नदियों के किनारे बसे हैं, लेकिन प्रदूषण के कारण इन नदियों का स्वरूप प्रभावित हो रहा है। औद्योगिक कचरे से बढ़ रहा नदी प्रदूषण
डॉ. शुक्ला ने कहा कि औद्योगिक कचरे और दूषित पानी के नदी में मिलने से प्रदूषण बढ़ रहा है। इससे यूट्रोफिकेशन की स्थिति बनती है और एल्गल ब्लूम के कारण पानी में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो सकती है। उन्होंने कहा कि नदी संरक्षण केवल नदी दिवस तक सीमित नहीं होना चाहिए। नदी किनारे पेड़ लगाने और दूषित पानी को नदियों में जाने से रोकने की जरूरत है। प्रश्न मंच में 100 से ज्यादा विद्यार्थी शामिल
कार्यक्रम में प्रश्न मंच का आयोजन किया गया, जिसमें 100 से ज्यादा विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इसके साथ नारा लेखन प्रतियोगिता भी हुई। प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिए गए। सुनीता चंसौरिया ने मंच संचालन किया और डॉ. जेके होता ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में भूगोल विभाग के डॉ. संजीव प्रामाणिक और भूपेंद्र दुबे सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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