छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने बसों की जांच अभियान शुरू की। जहां पुलिस ने खरसिया डिवीजन के अंर्तगत पुलिस अधिकारियों व उनकी टीम ने अलग-अलग कई स्कूलों में पहुंचकर स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और दस्तावेजों की जांच की। साथ ही स्कूली बच्चों को लेकर कोई भी लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। मंगलवार को पुलिस की टीम ने यह जांच अभियान खरसिया थाना-चौकी, छाल और भूपदेवपुर थाना क्षेत्र में चलाया। पुलिस अधिकारी स्कूलों में पहुंचे और स्कूल प्रबंधन से संपर्क कर बच्चों के परिवहन में उपयोग किए जा रहे वाहनों की आवश्यक जानकारी ली। पुलिस टीम द्वारा स्कूल वाहनों के आरसी बुक, बीमा, वाहन फिटनेस समेत अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। वहीं वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस और चरित्र सत्यापन की भी जानकारी ली गई। पुलिस अधिकारियों ने वाहनों की क्षमता और उसमें परिवहन किए जा रहे बच्चों की संख्या की भी जांच की। निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर वाहन नहीं चलाने व वाहन की फिटनेस को प्राथमिकता देने के संबंध में स्कूल प्रबंधन और वाहन चालकों को आवश्यक निर्देश दिए।
वाहन की गति का विषेष ध्यान देने कहा
पुलिस टीम ने स्कूल वाहन चालकों को स्पष्ट हिदायत दी कि बच्चों को लेकर वाहन चलाते समय गति पर विशेष नियंत्रण रखें और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग, तेज गति, लापरवाहीपूर्ण ड्राइविंग व क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन किसी भी स्थिति में न किया जाए।
शराब का सेवन कर नहीं चलाए स्कूल वाहन
पुलिस ने विशेष रूप से चेताया कि शराब का सेवन कर स्कूल वाहन चलाना व बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित चालक के साथ-साथ नियमानुसार जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इसलिए स्कूल वाहनों को शराब के नषे में नहीं चलाने की बात कही गई।
स्कूल प्रबंधन को भी निर्देषित किया
पुलिस अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया कि बच्चों के परिवहन के लिए लगाए गए प्रत्येक वाहन के दस्तावेज व फिटनेस की नियमित जांच सुनिश्चित करें। पुलिस ने कहा कि बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहन में सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न हो। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल चालक की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालक की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। किसी भी कमी को नजरअंदाज करने के बजाय तत्काल दूर किया जाए।

