रामपुर में पिछले दिनों हुई तेज बारिश और हवा से अगेती सरबती धान की फसल को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। शनिवार शाम मगरमऊ गांव में कई किसानों के खेतों में पकने से पहले ही धान की फसल जमीन पर गिर गई। किसानों को उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सता रही है। वहीं, कृषि विभाग का कहना है कि केवल फसल गिरने से नुकसान तय नहीं माना जा सकता। खेतों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। कई किसानों की फसल जमीन पर गिरी मगरमऊ निवासी किसान सुरेश ने बताया कि उनके गांव के हुकम सिंह, ओम प्रकाश, त्रिलोकचंद, राम बिहारी और सुमित समेत कई किसानों की धान की फसल तेज हवा और बारिश से गिर गई है। किसानों ने खेतों में जाकर फसल की स्थिति दिखाई। उनके मुताबिक, बड़ी संख्या में पौधे जमीन पर लेट गए हैं। किसानों का कहना है कि फसल पकने से पहले गिरने के कारण दाने पूरी तरह तैयार होने में दिक्कत आ सकती है। इससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से खेतों की जांच कराकर नुकसान का आकलन करने और मदद देने की मांग की है। कृषि विभाग की टीमें कर रहीं निगरानी जिला कृषि अधिकारी कुलदीप सिंह राणा ने किसानों से घबराने की जरूरत नहीं बताई। उन्होंने कहा कि धान ऐसी फसल है, जो खेत में पानी नहीं होने पर गिरने के बाद भी काफी हद तक पककर तैयार हो सकती है। इसलिए केवल फसल गिरने से नुकसान तय नहीं माना जा सकता। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की टीमें लगातार खेतों में जाकर हालात का जायजा ले रही हैं। जहां फसल को वास्तव में नुकसान हुआ है, वहां मौके पर जांच के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। नुकसान मिलने पर मुआवजे के लिए भेजेंगे रिपोर्ट जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि जांच में नुकसान की पुष्टि होने पर मुआवजा दिलाने के लिए रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। किसानों को नियमानुसार जो भी मदद संभव होगी, वह दिलाने का प्रयास किया जाएगा। किसानों का कहना है कि फसल पूरी तरह पकने तक मौसम साफ रहना जरूरी है, ताकि गिरी हुई बालियों को और नुकसान न पहुंचे। कृषि विभाग की निगरानी के बाद फसल क्षति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

