भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना
रामदेव उत्सव मंडल के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया। महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म और भक्ति के इस पर्व का आनंद लिया। महोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना एवं भक्ति कार्यक्रमों के साथ बालक-बालिकाओं ने विभिन्न सांस्कृतिक और नृत्य प्रस्तुतियां दीं। कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर बच्चों में विशेष उत्साह नजर आया। बालिकाओं की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।
बालिकाओं को किया पुरस्कृत
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लेने वाली बालिकाओं को अतिथियों की ओर से पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार पाकर बालिकाओं के चेहरे खिल उठे। आयोजकों ने बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को प्रोत्साहित करते हुए धार्मिक आयोजनों में नई पीढ़ी की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
मध्यरात्रि में हुआ कृष्ण जन्मोत्सव
महोत्सव का मुख्य आकर्षण मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का रहा। जन्मोत्सव के समय श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए और भक्ति भाव के साथ भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण किया। मंदिर परिसर में उत्सव का माहौल देर रात तक बना रहा।


