Rajasthan Politics: नगरीय निकाय चुनाव में टिकट वितरण से पहले भाजपा और कांग्रेस दोनों में अंदरूनी खींचतान सामने आई। भरतपुर संभाग की बैठक में भाजपा नेताओं के बीच टिकट के बदले पैसे लेने के आरोपों पर विवाद बढ़ा, जबकि कांग्रेस में भीलवाड़ा के पैनल को लेकर दो दिग्गज आमने-सामने हो गए।
पूर्व विधायक ने दिखाई चप्पल… जिलाध्यक्ष ने गले में कसा दुपट्टा
भरतपुर संभाग के चुनाव प्रभारी अशोक परनामी के आवास पर शनिवार को बैठक में हिंडौन की पूर्व विधायक राजकुमारी जाटव और करौली जिलाध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन आमने-सामने हो गए। दोनों ने एक दूसरे पर पैसे लेने के आरोप लगाए। सूत्रों की मानें तो विवाद बढ़ने पर गुस्से में जादौन ने पार्टी के दुपट्टे से अपना गला कसने की कोशिश की। मौके पर मौजूद नेताओं ने उन्हें संभाला।
जाटव पर जिलाध्यक्ष को चप्पल दिखाने का भी आरोप है। यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब संभाग प्रभारी बिहारीलाल विश्नोई और परनामी टिकटों को लेकर चर्चा कर रहे थे। ये तनातनी प्रदेश कार्यालय में जाने से पहले हुई। इस मामले में पत्रिका संवाददाता ने परनामी से जानकारी ली तो उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ।
पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक में कहासुनी, जूली ने संभाला मोर्चा
जयपुर प्रदेश कांग्रेस वॉररूम में भीलवाड़ा के प्रत्याशियों के चयन को लेकर पूर्व मंत्री रामलाल जाट और पूर्व विधायक धीरज गुर्जर के बीच तीखी कहासुनी हो गई। दोनों के बीच काफी देर तक तकरार के बाद प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। स्थानीय राजनीति में दोनों नेताओं के बीच पहले से तनातनी बताई जा रही है। डोटासरा ने दावा किया कि 90 फीसदी से अधिक प्रत्याशियों के नाम तय हो चुके हैं। विवादित सीटों पर अशोक गहलोत, सचिन पायलट, जितेंद्र सिंह, हरीश चौधरी और सीपी जोशी आदि नेताओं से चर्चा के बाद फैसला होगा। पार्टी ने जिलों से आई रायशुमारी और पैनलों पर मंथन की प्रक्रिया पूरी कर ली। रात तक जिला प्रभारियों को सिंबल के थैले सौंपे गए।
यह बोले…
पूर्व विधायक जाटव ने कहा, टिकटों में मेरी कोई भूमिका नहीं है। जिलाध्यक्ष ने अपनी गलती का ठीकरा मुझ पर फोड़ा, खुद ही गर्दन में तौलिया लगा लिया। सबके सामने नाटक किया गया। वहीं जादौन ने कहा मैं अभी बात नहीं कर सकता।
दूसरे दिन तेजी से बढ़ा नामांकन
निकाय चुनाव के लिए नामांकन के दूसरे दिन शनिवार को संख्या तेजी से बढ़ी। अब तक 13,073 प्रत्याशियों ने कुल 15,430 नामांकन दाखिल किए हैं। इसके साथ ही नामांकन पिछले चुनाव के आंकड़े के करीब पहुंच गया है। हालांकि प्रदेश में अभी भी 5 निकाय ऐसे हैं, जहां नामांकन का खाता नहीं खुला है। वहीं 4 निकायों में नामांकन का आंकड़ा 200 पार कर गया है। अब सोमवार को ही नामांकन का आखिरी दिन है। पिछले चुनाव में करीब 27 हजार नामांकन दाखिल हुए थे।
रूठों को मना रहे
कांग्रेस संभावित बागियों की सूची और उनके प्रभाव का आकलन कर रही है। नामांकन के बाद असंतोष को चुनावी नुकसान में बदलने से रोकने के लिए रणनीति तैयार की गई है। अब टिकट से वंचित दावेदारों को साधने पर फोकस है।

