Afghanistan School Blast Case: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सोमवार को एक स्कूल के पास हुए जोरदार धमाके से हड़कंप मच गया। पश्चिमी काबुल के ‘दश्त-ए-बरची’ इलाके में ‘शाम-ए-हदायत’ प्राइवेट स्कूल के पास ग्रेनेड फट गया। इस हादसे में 52 से बच्चे घायल हो गए। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
स्कूल के पास कैसे हुआ धमाका?
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, धमाका स्कूल के पास उस समय हुआ जब वहां लोग और छात्र मौजूद थे। तालिबान पुलिस के प्रवक्ता खालिद जदरान ने बताया कि विस्फोट हैंड ग्रेनेड से हुआ था।
हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि ग्रेनेड वहां कैसे पहुंचा। अधिकारियों के मुताबिक, धमाके की पूरी वजह का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। वहां मौजूद आई-विटनेस का कहना है कि ग्रेनेड एक छात्र के पास था। इसी दौरान उसमें विस्फोट हो गया। वह छात्र भी धमाके में घायल हुआ है। फिलहाल यह पता नहीं चला है कि छात्र को ग्रेनेड कहां से मिला था। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
दश्त-ए-बरची पहले भी रहा है निशाने पर
बता दें दश्त-ए-बरची पश्चिमी काबुल का घनी आबादी वाला इलाका है। यहां बड़ी संख्या में हजारा और शिया समुदाय के लोग रहते हैं। यह इलाका पहले भी कई हिंसक घटनाओं का गवाह रहा है। बीते वर्षों में यहां स्कूलों और दूसरे शैक्षणिक संस्थानों को भी निशाना बनाया गया है। ऐसे में ताजा धमाके ने एक बार फिर बच्चों और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इलाके में लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष के कारण हथियार और विस्फोटक सामान की मौजूदगी भी एक बड़ी चिंता बनी हुई है। यही वजह है कि अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि यह धमाका महज एक हादसा था या इसके पीछे कोई साजिश थी।
UN ने की घटना की निंदा
अफगानिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष रिपोर्टर रिचर्ड बेनेट ने घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने स्कूल के पास हुए धमाके को बेहद गंभीर बताया और स्वतंत्र जांच की मांग की। बेनेट ने कहा कि इस घटना में कई बच्चों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। वहीं, ‘संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन’ यानी ‘UNAMA’ ने भी अफगानिस्तान में लंबे समय तक शांति और स्थिरता कायम करने पर जोर दिया है। ‘UNAMA’ के मुताबिक, सिर्फ हिंसा का रुकना ही पर्याप्त नहीं है। देश में ऐसा माहौल जरूरी है, जहां लोगों के अधिकार सुरक्षित हों और संस्थाएं जवाबदेह तरीके से काम करें। फिलहाल काबुल के इस धमाके की जांच जारी है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि छात्र तक हैंड ग्रेनेड पहुंचा कैसे और वह अचानक क्यों फटा।


GRENADE BLAST HITS KABUL SCHOOL
“Kabul School Blast”
Of course, Afghan Taliban are behind this, who oppose girls’ education and Shia minority, want create fear that girls could be killed or their schools targeted if they study.
In Kabul’s Dasht-e Barchi area, at the Sham-ul-Hidayat school, the Taliban threw grenades and martyred nineteen Shia children, and nearly 52 people have been injured. Now the Taliban are openly committing atrocities against the Shia community.