राघव चड्ढा के वोटर लिस्ट में नाम जुड़ने पर घमासान, AAP के आरोपों के बाद निर्वाचन आयोग ने तोड़ी चुप्पी

राघव चड्ढा के वोटर लिस्ट में नाम जुड़ने पर घमासान, AAP के आरोपों के बाद निर्वाचन आयोग ने तोड़ी चुप्पी

Delhi Voter List Controversy: दिल्ली की राजिंदर नगर विधानसभा सीट (AC-39) की मतदाता सूची में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम शामिल किए जाने को लेकर बुधवार को सियासी बवाल खड़ा हो गया। आम आदमी पार्टी (AAP) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि तय प्रक्रिया का पालन किए बिना राघव चड्ढा का नाम इस निर्वाचन सूची में जोड़ा गया है। पार्टी के इस आरोप के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की ओर से विस्तृत जवाब सामने आया, जिसमें पूरी प्रक्रिया का ब्योरा दिया गया।

चुनाव आयोग का जवाब- नियमों के तहत हुआ पंजीकरण

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 19 और संबंधित नियमों के अनुसार, अगर कोई मतदाता निर्वाचन सूची में पंजीकरण के लिए ज़रूरी शर्तें पूरी करता है, तो वह साल में किसी भी समय ज़रूरी दस्तावेज़ों के साथ फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकता है। आयोग के अनुसार राघव चड्ढा ने 26 अगस्त 2026 को आवेदन संख्या U05039D6N2608261200000 के ज़रिए AC-39 राजिंदर नगर सीट के लिए फॉर्म-6 में आवेदन दिया था। तय 7 दिन की नोटिस अवधि पूरी होने के बाद 2 सितंबर 2026 को संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) ने इस आवेदन को मंज़ूरी दी।

‘विशेष गहन संशोधन’ गाइडलाइंस का हवाला

आयोग ने 14 मई 2026 को जारी अपनी ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) गाइडलाइंस का भी हवाला दिया। इसके पैरा 11(a) के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची में SIR अवधि के दौरान जुड़े सभी नए नाम ड्राफ्ट सूची की आखिरी एंट्री के बाद क्रमवार जोड़े जाते हैं, जबकि हटाए गए या बदले गए नामों को उनकी मूल सीरियल नंबर वाली जगह पर दर्शाया जाता है। आयोग ने साफ किया कि अंतिम सूची तभी प्रकाशित होती है जब संशोधन अवधि पूरी हो और सभी दावे-आपत्तियों का निपटारा हो जाए, लेकिन ERO की मंज़ूरी मिलते ही नाम ड्राफ्ट रोल में दिखना शुरू हो जाता है।

अब तक 761 आवेदन मंजूर

आयोग के मुताबिक अब तक कुल 761 आवेदनों को मंज़ूरी देकर उन पर कार्रवाई पूरी की जा चुकी है। इनमें नई दिल्ली ज़िले से 209, नॉर्थ वेस्ट से 143, साउथ से 14 और साउथ वेस्ट से 781 जैसे आंकड़े जिलेवार ब्योरे में शामिल हैं, जबकि कुछ ज़िलों के आंकड़े स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं हैं। आयोग ने कहा कि संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करने की प्रक्रिया में लगातार शामिल रहते हैं कि कोई भी योग्य नागरिक सूची से बाहर न रहे और कोई अयोग्य व्यक्ति सूची में शामिल न हो।

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