मां दुर्गा के दर्शन का इंतजार खत्म हुआ। बुधवार से रांची में नौ दुर्गा पूजा पंडालों के पट खुलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। कहीं भव्य सजावट लोगों को आकर्षित कर रही है, तो कहीं ढाक की गूंज और जयकारों से माहौल भक्तिमय हो रहा है। इस बार अल्बर्ट एक्का चौक पर चंद्रशेखर आजाद क्लब की ओर से बनाया गया पंडाल खास चर्चा में है। यहां द्वारका नगरी की प्रतिकृति तैयार की गई है। पंडाल में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की नगरी का एहसास हो रहा है। धार्मिक आस्था और आकर्षक सजावट के मेल ने इसे शहर के प्रमुख पूजा पंडालों में शामिल कर दिया है। तस्वीरों में देखें रांची के पंडाल.… पंडाल में द्वारका धाम की झलक, कृष्ण नगरी का एहसास अल्बर्ट एक्का चौक स्थित पंडाल को द्वारका नगरी की तर्ज पर सजाया गया है। यहां भगवान श्रीकृष्ण की नगरी से जुड़े धार्मिक और ऐतिहासिक प्रसंगों को दर्शाया गया है। पंडाल की थीम धार्मिक पर्यटन और तीर्थस्थलों के विकास की ओर भी ध्यान खींचती है। आयोजकों ने इसे इस तरह तैयार किया है कि श्रद्धालु रांची में ही द्वारका धाम की झलक देख सकें। पंडाल की भव्यता लोगों को आकर्षित कर रही है। मां दुर्गा के दर्शन के साथ श्रद्धालु यहां की सजावट और थीम को भी करीब से देख रहे हैं। दुर्गापूजा के दौरान रांची में हर साल आकर्षक पंडाल बनाए जाते हैं। इन्हें देखने झारखंड के अलग-अलग जिलों के अलावा दूसरे राज्यों से भी लोग पहुंचते हैं। समुद्र में पूजा करते PM मोदी की तस्वीरें आकर्षण पंडाल की खास बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फरवरी 2024 के द्वारका दौरे से जुड़ी तस्वीरें हैं। इनमें समुद्र के भीतर प्राचीन जलमग्न द्वारका के स्थल पर पूजा-अर्चना करते प्रधानमंत्री को दिखाया गया है। 25 फरवरी 2024 को गुजरात दौरे के दौरान उन्होंने समुद्र के भीतर जाकर प्रार्थना की थी। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण को श्रद्धास्वरूप मोरपंख भी अर्पित किया था। पंडाल में इन तस्वीरों को विशेष स्थान दिया गया है। इनके जरिए श्रद्धालुओं को द्वारका की धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता से परिचित कराने की कोशिश की गई है। धार्मिक आस्था के साथ देश की सांस्कृतिक विरासत को दिखाने वाली यह थीम लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। दर्शन के लिए भीड़, बुजुर्गों के लिए व्हीलचेयर पंडाल में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह देखते बन रहा है। चंद्रशेखर आजाद क्लब के अध्यक्ष रमेश सिंह के अनुसार, पट खुलने से पहले ही हजारों लोग पंडाल देखने पहुंच चुके थे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूजा समिति ने विशेष इंतजाम किए हैं। बुजुर्गों के लिए व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई है। वहीं, भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन की व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में वॉलंटियर तैनात किए गए हैं। समिति का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को बिना परेशानी मां के दर्शन हो सकें।खबर की इंट्रो में बताएं रांची में पंडाल खुल गए हैं। लोगों में उत्साह है। मां दुर्गा के दर्शन का इंतजार खत्म हुआ। बुधवार से रांची में नौ दुर्गा पूजा पंडालों के पट खुलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। कहीं भव्य सजावट लोगों को आकर्षित कर रही है, तो कहीं ढाक की गूंज और जयकारों से माहौल भक्तिमय हो रहा है। इस बार अल्बर्ट एक्का चौक पर चंद्रशेखर आजाद क्लब की ओर से बनाया गया पंडाल खास चर्चा में है। यहां द्वारका नगरी की प्रतिकृति तैयार की गई है। पंडाल में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की नगरी का एहसास हो रहा है। धार्मिक आस्था और आकर्षक सजावट के मेल ने इसे शहर के प्रमुख पूजा पंडालों में शामिल कर दिया है। तस्वीरों में देखें रांची के पंडाल.… पंडाल में द्वारका धाम की झलक, कृष्ण नगरी का एहसास अल्बर्ट एक्का चौक स्थित पंडाल को द्वारका नगरी की तर्ज पर सजाया गया है। यहां भगवान श्रीकृष्ण की नगरी से जुड़े धार्मिक और ऐतिहासिक प्रसंगों को दर्शाया गया है। पंडाल की थीम धार्मिक पर्यटन और तीर्थस्थलों के विकास की ओर भी ध्यान खींचती है। आयोजकों ने इसे इस तरह तैयार किया है कि श्रद्धालु रांची में ही द्वारका धाम की झलक देख सकें। पंडाल की भव्यता लोगों को आकर्षित कर रही है। मां दुर्गा के दर्शन के साथ श्रद्धालु यहां की सजावट और थीम को भी करीब से देख रहे हैं। दुर्गापूजा के दौरान रांची में हर साल आकर्षक पंडाल बनाए जाते हैं। इन्हें देखने झारखंड के अलग-अलग जिलों के अलावा दूसरे राज्यों से भी लोग पहुंचते हैं। समुद्र में पूजा करते PM मोदी की तस्वीरें आकर्षण पंडाल की खास बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फरवरी 2024 के द्वारका दौरे से जुड़ी तस्वीरें हैं। इनमें समुद्र के भीतर प्राचीन जलमग्न द्वारका के स्थल पर पूजा-अर्चना करते प्रधानमंत्री को दिखाया गया है। 25 फरवरी 2024 को गुजरात दौरे के दौरान उन्होंने समुद्र के भीतर जाकर प्रार्थना की थी। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण को श्रद्धास्वरूप मोरपंख भी अर्पित किया था। पंडाल में इन तस्वीरों को विशेष स्थान दिया गया है। इनके जरिए श्रद्धालुओं को द्वारका की धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता से परिचित कराने की कोशिश की गई है। धार्मिक आस्था के साथ देश की सांस्कृतिक विरासत को दिखाने वाली यह थीम लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। दर्शन के लिए भीड़, बुजुर्गों के लिए व्हीलचेयर पंडाल में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह देखते बन रहा है। चंद्रशेखर आजाद क्लब के अध्यक्ष रमेश सिंह के अनुसार, पट खुलने से पहले ही हजारों लोग पंडाल देखने पहुंच चुके थे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूजा समिति ने विशेष इंतजाम किए हैं। बुजुर्गों के लिए व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई है। वहीं, भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन की व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में वॉलंटियर तैनात किए गए हैं। समिति का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को बिना परेशानी मां के दर्शन हो सकें।खबर की इंट्रो में बताएं रांची में पंडाल खुल गए हैं। लोगों में उत्साह है।

