रतनपुर और भगवानपुर पंचायत की सीमा पर जितिया पर्व के अवसर पर एक मेले का आयोजन हुआ। इसमें रतनपुर, भगवानपुर समेत आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण पहुंचे। सुबह से देर शाम तक मेला परिसर में लोगों की आवाजाही बनी रही। जितिया पर्व को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह दिखा। श्रद्धालुओं ने अपनी संतान की सुख-समृद्धि और लंबी उम्र के लिए पूजा-अर्चना की। मेले में बच्चों और युवाओं की भी काफी भीड़ रही। मेले में कई तरह की दुकानें लगी थीं, जिनमें खिलौने, खाने-पीने का सामान और अन्य सामग्री उपलब्ध थी। लोगों ने मेले में खरीदारी की और परिवार के साथ इसका आनंद लिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि ऐसे पारंपरिक आयोजन क्षेत्र की संस्कृति और आपसी भाईचारे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। मेले में उमड़ी भीड़ ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। रतनपुर और भगवानपुर पंचायत की सीमा पर जितिया पर्व के अवसर पर एक मेले का आयोजन हुआ। इसमें रतनपुर, भगवानपुर समेत आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण पहुंचे। सुबह से देर शाम तक मेला परिसर में लोगों की आवाजाही बनी रही। जितिया पर्व को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह दिखा। श्रद्धालुओं ने अपनी संतान की सुख-समृद्धि और लंबी उम्र के लिए पूजा-अर्चना की। मेले में बच्चों और युवाओं की भी काफी भीड़ रही। मेले में कई तरह की दुकानें लगी थीं, जिनमें खिलौने, खाने-पीने का सामान और अन्य सामग्री उपलब्ध थी। लोगों ने मेले में खरीदारी की और परिवार के साथ इसका आनंद लिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि ऐसे पारंपरिक आयोजन क्षेत्र की संस्कृति और आपसी भाईचारे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। मेले में उमड़ी भीड़ ने आयोजन की शोभा बढ़ाई।

