रजिस्ट्रेशन करवाना है तो दफ्तर जाओ… CGMC में ऑनलाइन की सुविधा नहीं! NRI डॉक्टरों की समस्या बढ़ी

रजिस्ट्रेशन करवाना है तो दफ्तर जाओ… CGMC में ऑनलाइन की सुविधा नहीं! NRI डॉक्टरों की समस्या बढ़ी

Chhattisgarh Medical Council: छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल (CGMC) में एलोपैथी डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन की ऑनलाइन सुविधा अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इसका असर केवल प्रदेश के डॉक्टरों पर ही नहीं, बल्कि विदेशों में कार्यरत एनआरआई डॉक्टरों पर भी पड़ रहा है। रजिस्ट्रेशन, गुड स्टैंडिंग सर्टिफिकेट और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए डॉक्टरों को काउंसिल कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसी तरह की समस्याएं छत्तीसगढ़ डेंटल काउंसिल (CGDC) में भी सामने आई हैं।

CGMC Registration: ऑनलाइन सुविधा नहीं, बढ़ी डॉक्टरों की परेशानी

प्रदेश के डॉक्टरों का कहना है कि डिजिटल युग में भी मेडिकल काउंसिल की सेवाएं पूरी तरह ऑफलाइन हैं। विदेशों में कार्यरत डॉक्टरों को गुड स्टैंडिंग सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ती है, लेकिन ऑनलाइन प्रक्रिया उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में सर्टिफिकेट जारी होने में देरी भी हो रही है।

25 साल से नहीं हुआ रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल

छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल का गठन वर्ष 2001 में हुआ था। इसके बाद से डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण अनिवार्य नहीं किया गया। नतीजतन, ऐसे डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन नंबर भी रिकॉर्ड में सक्रिय बने हुए हैं, जिनका निधन हो चुका है। इससे फर्जी प्रैक्टिस और गलत तरीके से रजिस्ट्रेशन के दुरुपयोग की आशंकाएं भी बढ़ी हैं।

NMC के निर्देशों पर अब तक अमल नहीं

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने एक वर्ष पहले सभी डॉक्टरों के लिए हर पांच साल में रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल की व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया था। हालांकि, छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल में यह नियम अब तक प्रभावी नहीं हो पाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि रिन्यूअल व्यवस्था लागू होने से निष्क्रिय और मृत डॉक्टरों के रिकॉर्ड स्वतः हटाए जा सकेंगे।

बिना पंजीयन प्रैक्टिस की अनुमति पर भी विवाद

राज्य सरकार ने जून महीने में दूसरे राज्यों के डॉक्टरों को बिना CGMC पंजीयन के प्रदेश में प्रैक्टिस करने की अनुमति दी थी। इस फैसले का जेडीए और छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन ने विरोध किया। डॉक्टर संगठनों का कहना है कि इससे स्थानीय चिकित्सकों के हित प्रभावित होंगे और चिकित्सा व्यवस्था में निगरानी कमजोर पड़ सकती है।

NRI डेंटिस्ट का वीडियो हुआ वायरल

लंदन में कार्यरत रायपुर की एनआरआई डेंटिस्ट डॉ. अनुराधा को छत्तीसगढ़ डेंटल काउंसिल से गुड स्टैंडिंग सर्टिफिकेट नहीं मिलने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर काउंसिल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि सर्टिफिकेट के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने तक के लिए कहा गया और पर्याप्त सहयोग नहीं मिला।

काउंसिल का पक्ष

CGMC के रजिस्ट्रार डॉ. रूपल पुरोहित के अनुसार मेडिकल रजिस्ट्रेशन को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया जारी है और स्वास्थ्य विभाग से इसकी मंजूरी मिल चुकी है। साथ ही हर पांच वर्ष में रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल का नियम लागू करने की तैयारी भी की जा रही है।

वहीं, CGDC के रजिस्ट्रार डॉ. अमित वास्ती का कहना है कि एनआरआई डॉक्टरों को गुड स्टैंडिंग सर्टिफिकेट जारी करने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन और ऑनलाइन पहचान सत्यापन जैसी प्रक्रियाएं अनिवार्य हैं। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही सर्टिफिकेट जारी किया जा सकता है।

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रजिस्ट्रेशन करवाना है तो दफ्तर जाओ… CGMC में ऑनलाइन की सुविधा नहीं! NRI डॉक्टरों की समस्या बढ़ी

Chhattisgarh Medical Council: छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल (CGMC) में एलोपैथी डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन की ऑनलाइन सुविधा अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इसका असर केवल प्रदेश के डॉक्टरों पर ही नहीं, बल्कि विदेशों में कार्यरत एनआरआई डॉक्टरों पर भी पड़ रहा है। रजिस्ट्रेशन, गुड स्टैंडिंग सर्टिफिकेट और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए डॉक्टरों को काउंसिल कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसी तरह की समस्याएं छत्तीसगढ़ डेंटल काउंसिल (CGDC) में भी सामने आई हैं।

CGMC Registration: ऑनलाइन सुविधा नहीं, बढ़ी डॉक्टरों की परेशानी

प्रदेश के डॉक्टरों का कहना है कि डिजिटल युग में भी मेडिकल काउंसिल की सेवाएं पूरी तरह ऑफलाइन हैं। विदेशों में कार्यरत डॉक्टरों को गुड स्टैंडिंग सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ती है, लेकिन ऑनलाइन प्रक्रिया उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में सर्टिफिकेट जारी होने में देरी भी हो रही है।

25 साल से नहीं हुआ रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल

छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल का गठन वर्ष 2001 में हुआ था। इसके बाद से डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण अनिवार्य नहीं किया गया। नतीजतन, ऐसे डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन नंबर भी रिकॉर्ड में सक्रिय बने हुए हैं, जिनका निधन हो चुका है। इससे फर्जी प्रैक्टिस और गलत तरीके से रजिस्ट्रेशन के दुरुपयोग की आशंकाएं भी बढ़ी हैं।

NMC के निर्देशों पर अब तक अमल नहीं

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने एक वर्ष पहले सभी डॉक्टरों के लिए हर पांच साल में रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल की व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया था। हालांकि, छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल में यह नियम अब तक प्रभावी नहीं हो पाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि रिन्यूअल व्यवस्था लागू होने से निष्क्रिय और मृत डॉक्टरों के रिकॉर्ड स्वतः हटाए जा सकेंगे।

बिना पंजीयन प्रैक्टिस की अनुमति पर भी विवाद

राज्य सरकार ने जून महीने में दूसरे राज्यों के डॉक्टरों को बिना CGMC पंजीयन के प्रदेश में प्रैक्टिस करने की अनुमति दी थी। इस फैसले का जेडीए और छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन ने विरोध किया। डॉक्टर संगठनों का कहना है कि इससे स्थानीय चिकित्सकों के हित प्रभावित होंगे और चिकित्सा व्यवस्था में निगरानी कमजोर पड़ सकती है।

NRI डेंटिस्ट का वीडियो हुआ वायरल

लंदन में कार्यरत रायपुर की एनआरआई डेंटिस्ट डॉ. अनुराधा को छत्तीसगढ़ डेंटल काउंसिल से गुड स्टैंडिंग सर्टिफिकेट नहीं मिलने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर काउंसिल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि सर्टिफिकेट के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने तक के लिए कहा गया और पर्याप्त सहयोग नहीं मिला।

काउंसिल का पक्ष

CGMC के रजिस्ट्रार डॉ. रूपल पुरोहित के अनुसार मेडिकल रजिस्ट्रेशन को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया जारी है और स्वास्थ्य विभाग से इसकी मंजूरी मिल चुकी है। साथ ही हर पांच वर्ष में रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल का नियम लागू करने की तैयारी भी की जा रही है।

वहीं, CGDC के रजिस्ट्रार डॉ. अमित वास्ती का कहना है कि एनआरआई डॉक्टरों को गुड स्टैंडिंग सर्टिफिकेट जारी करने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन और ऑनलाइन पहचान सत्यापन जैसी प्रक्रियाएं अनिवार्य हैं। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही सर्टिफिकेट जारी किया जा सकता है।

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रजिस्ट्रेशन करवाना है तो दफ्तर जाओ… CGMC में ऑनलाइन की सुविधा नहीं! NRI डॉक्टरों की समस्या बढ़ी

Chhattisgarh Medical Council: छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल (CGMC) में एलोपैथी डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन की ऑनलाइन सुविधा अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इसका असर केवल प्रदेश के डॉक्टरों पर ही नहीं, बल्कि विदेशों में कार्यरत एनआरआई डॉक्टरों पर भी पड़ रहा है। रजिस्ट्रेशन, गुड स्टैंडिंग सर्टिफिकेट और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए डॉक्टरों को काउंसिल कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसी तरह की समस्याएं छत्तीसगढ़ डेंटल काउंसिल (CGDC) में भी सामने आई हैं।

CGMC Registration: ऑनलाइन सुविधा नहीं, बढ़ी डॉक्टरों की परेशानी

प्रदेश के डॉक्टरों का कहना है कि डिजिटल युग में भी मेडिकल काउंसिल की सेवाएं पूरी तरह ऑफलाइन हैं। विदेशों में कार्यरत डॉक्टरों को गुड स्टैंडिंग सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ती है, लेकिन ऑनलाइन प्रक्रिया उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में सर्टिफिकेट जारी होने में देरी भी हो रही है।

25 साल से नहीं हुआ रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल

छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल का गठन वर्ष 2001 में हुआ था। इसके बाद से डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण अनिवार्य नहीं किया गया। नतीजतन, ऐसे डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन नंबर भी रिकॉर्ड में सक्रिय बने हुए हैं, जिनका निधन हो चुका है। इससे फर्जी प्रैक्टिस और गलत तरीके से रजिस्ट्रेशन के दुरुपयोग की आशंकाएं भी बढ़ी हैं।

NMC के निर्देशों पर अब तक अमल नहीं

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने एक वर्ष पहले सभी डॉक्टरों के लिए हर पांच साल में रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल की व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया था। हालांकि, छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल में यह नियम अब तक प्रभावी नहीं हो पाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि रिन्यूअल व्यवस्था लागू होने से निष्क्रिय और मृत डॉक्टरों के रिकॉर्ड स्वतः हटाए जा सकेंगे।

बिना पंजीयन प्रैक्टिस की अनुमति पर भी विवाद

राज्य सरकार ने जून महीने में दूसरे राज्यों के डॉक्टरों को बिना CGMC पंजीयन के प्रदेश में प्रैक्टिस करने की अनुमति दी थी। इस फैसले का जेडीए और छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन ने विरोध किया। डॉक्टर संगठनों का कहना है कि इससे स्थानीय चिकित्सकों के हित प्रभावित होंगे और चिकित्सा व्यवस्था में निगरानी कमजोर पड़ सकती है।

NRI डेंटिस्ट का वीडियो हुआ वायरल

लंदन में कार्यरत रायपुर की एनआरआई डेंटिस्ट डॉ. अनुराधा को छत्तीसगढ़ डेंटल काउंसिल से गुड स्टैंडिंग सर्टिफिकेट नहीं मिलने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर काउंसिल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि सर्टिफिकेट के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने तक के लिए कहा गया और पर्याप्त सहयोग नहीं मिला।

काउंसिल का पक्ष

CGMC के रजिस्ट्रार डॉ. रूपल पुरोहित के अनुसार मेडिकल रजिस्ट्रेशन को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया जारी है और स्वास्थ्य विभाग से इसकी मंजूरी मिल चुकी है। साथ ही हर पांच वर्ष में रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल का नियम लागू करने की तैयारी भी की जा रही है।

वहीं, CGDC के रजिस्ट्रार डॉ. अमित वास्ती का कहना है कि एनआरआई डॉक्टरों को गुड स्टैंडिंग सर्टिफिकेट जारी करने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन और ऑनलाइन पहचान सत्यापन जैसी प्रक्रियाएं अनिवार्य हैं। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही सर्टिफिकेट जारी किया जा सकता है।

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