रक्सौल एयरपोर्ट निर्माण का रास्ता हुआ साफ:ट्रैफिक पोटेंशियल स्टडी पर उच्चस्तरीय बैठक, सर्वेक्षण का पहला चरण पूरा; दूसरा जारी

रक्सौल एयरपोर्ट निर्माण का रास्ता हुआ साफ:ट्रैफिक पोटेंशियल स्टडी पर उच्चस्तरीय बैठक, सर्वेक्षण का पहला चरण पूरा; दूसरा जारी

मोतिहारी के रक्सौल हवाई अड्डे के विकास और संचालन के संबंध में शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक समाहरणालय स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभागार में हुई। जिसका उद्देश्य ट्रैफिक पोटेंशियल स्टडी (यात्री क्षमता और सुविधाओं का आकलन) करना था। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने बैठक की अध्यक्षता की। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई), नई दिल्ली के सहायक महाप्रबंधक कुमार आशीष ने बताया कि रक्सौल एयरपोर्ट के विकास के लिए ट्रैफिक आकलन का विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि सर्वेक्षण का पहला चरण पूरा हो चुका है और दूसरा चरण जारी है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों का सर्वे जारी इस अध्ययन के तहत एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर सर्वे किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यात्रियों की संभावित संख्या और हवाई सेवा की मांग का आकलन करना है। कुमार आशीष ने बताया कि सर्वे का मुख्य उद्देश्य रक्सौल एयरपोर्ट के कैचमेंट क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों से आंकड़े और जानकारी एकत्र करना है। आवश्यकताओं के अनुरूप एयरपोर्ट के विकास इनमें उद्योग, पर्यटन, रेलवे, इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी), सड़क परिवहन, शिक्षा संस्थान, व्यापारिक संगठन, बस ऑपरेटर और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व जैसे पर्यटन स्थल शामिल हैं। यह जानकारी भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप एयरपोर्ट के विकास में सहायक होगी। बैठक में विभिन्न विभागों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें सचिव, सिविल विमानन विभाग, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) मुख्यालय नई दिल्ली एवं कोलकाता एयरपोर्ट के सहायक महाप्रबंधक, उप विकास आयुक्त, परियोजना निदेशक एनएचएआई, एसएसबी की 47वीं एवं 71वीं वाहिनी के समादेष्टा, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, जिला पर्यटन शाखा, शिक्षा विभाग, राज्य कर विभाग, नगर परिषद रक्सौल, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, बापूधाम मोतिहारी रेलवे स्टेशन, आईसीपी रक्सौल, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम तथा पूर्वी चंपारण चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज एवं बस ऑनर संगठन शामिल थे। यात्री सुविधाओं-संभावित यात्रियों की संख्या पर चर्चा बैठक के दौरान यात्री सुविधाओं, भविष्य में संभावित यात्रियों की संख्या, कार्गो परिवहन की संभावनाओं और आवश्यक आधारभूत संरचना पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी हितधारकों ने एकमत से कहा कि रक्सौल में हवाई सेवा शुरू होने से पर्यटन, उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने कहा कि रक्सौल एयरपोर्ट के विकास के लिए जिला प्रशासन हर स्तर पर आवश्यक सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वहीं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अधिकारियों ने सर्वेक्षण कार्य में मिले सहयोग के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। मोतिहारी के रक्सौल हवाई अड्डे के विकास और संचालन के संबंध में शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक समाहरणालय स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभागार में हुई। जिसका उद्देश्य ट्रैफिक पोटेंशियल स्टडी (यात्री क्षमता और सुविधाओं का आकलन) करना था। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने बैठक की अध्यक्षता की। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई), नई दिल्ली के सहायक महाप्रबंधक कुमार आशीष ने बताया कि रक्सौल एयरपोर्ट के विकास के लिए ट्रैफिक आकलन का विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि सर्वेक्षण का पहला चरण पूरा हो चुका है और दूसरा चरण जारी है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों का सर्वे जारी इस अध्ययन के तहत एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर सर्वे किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यात्रियों की संभावित संख्या और हवाई सेवा की मांग का आकलन करना है। कुमार आशीष ने बताया कि सर्वे का मुख्य उद्देश्य रक्सौल एयरपोर्ट के कैचमेंट क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों से आंकड़े और जानकारी एकत्र करना है। आवश्यकताओं के अनुरूप एयरपोर्ट के विकास इनमें उद्योग, पर्यटन, रेलवे, इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी), सड़क परिवहन, शिक्षा संस्थान, व्यापारिक संगठन, बस ऑपरेटर और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व जैसे पर्यटन स्थल शामिल हैं। यह जानकारी भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप एयरपोर्ट के विकास में सहायक होगी। बैठक में विभिन्न विभागों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें सचिव, सिविल विमानन विभाग, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) मुख्यालय नई दिल्ली एवं कोलकाता एयरपोर्ट के सहायक महाप्रबंधक, उप विकास आयुक्त, परियोजना निदेशक एनएचएआई, एसएसबी की 47वीं एवं 71वीं वाहिनी के समादेष्टा, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, जिला पर्यटन शाखा, शिक्षा विभाग, राज्य कर विभाग, नगर परिषद रक्सौल, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, बापूधाम मोतिहारी रेलवे स्टेशन, आईसीपी रक्सौल, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम तथा पूर्वी चंपारण चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज एवं बस ऑनर संगठन शामिल थे। यात्री सुविधाओं-संभावित यात्रियों की संख्या पर चर्चा बैठक के दौरान यात्री सुविधाओं, भविष्य में संभावित यात्रियों की संख्या, कार्गो परिवहन की संभावनाओं और आवश्यक आधारभूत संरचना पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी हितधारकों ने एकमत से कहा कि रक्सौल में हवाई सेवा शुरू होने से पर्यटन, उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने कहा कि रक्सौल एयरपोर्ट के विकास के लिए जिला प्रशासन हर स्तर पर आवश्यक सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वहीं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अधिकारियों ने सर्वेक्षण कार्य में मिले सहयोग के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।  

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