मौरंग धुलाई के गड्ढे में डूबे दो मासूम की मौत:नहाते समय 5 फीट गहरे पानी में गए, एक लड़का नाले में डूबा

मौरंग धुलाई के गड्ढे में डूबे दो मासूम की मौत:नहाते समय 5 फीट गहरे पानी में गए, एक लड़का नाले में डूबा

औरैया में मंगलवार दोपहर करीब 4 बजे मौरंग धुलाई के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान अनिल कुमार के 8 वर्षीय बेटे कृष्णा और राजीव कुमार के 9 वर्षीय बेटे आर्यन के रूप में हुई। दोनों कन्नौज के चपुन्ना स्थित सेंट विजन विद्यालय में कक्षा तीन में पढ़ते थे। वहीं राजाराम नगरिया में 13 वर्षीय हरि नाले में डूब गया। उसकी तलाश की जा रही है। मामला ऐरवाकटरा क्षेत्र के देईपुर गांव का है। दोस्तों के साथ नहाने गए थे दोनों बच्चे बताया गया कि मंगलवार दोपहर कृष्णा और आर्यन दोस्तों के साथ छिबरामऊ रोड की तरफ गए थे। यहां राजू यादव के खेत में ट्रकों की मौरंग धुलाई के लिए करीब पांच फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। इसमें पानी भरा था। दोनों बच्चे गड्ढे में नहाने लगे और इसी दौरान पानी में डूब गए। कपड़े मिलने के बाद शुरू हुई तलाश करीब एक घंटे बाद परिजनों ने बच्चों की तलाश शुरू की। गड्ढे के पास दोनों के कपड़े मिले। इसके बाद ग्रामीणों ने पानी में तलाश कर दोनों बच्चों को बाहर निकाला। डायल 112 पुलिस उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अछल्दा ले गई, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर की जांच हादसे की सूचना पर क्षेत्राधिकारी बिधूना पुनीत मिश्रा, उपजिलाधिकारी बिधूना कमल कुमार समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जानकारी जुटाई। परिजन शुरू में पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं थे। अधिकारियों के समझाने के बाद वे राजी हुए। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। नाले में डूबे किशोर की तलाश जारी राजाराम नगरिया में 13 वर्षीय हरि के नाले में डूबने की सूचना मिली। इसके बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। किशोर का अभी पता नहीं चल सका है। उसकी तलाश जारी है। मौरंग धुलाई के लिए गहरे गड्ढे खोदने का आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि अछल्दा क्षेत्र में कई जगह मौरंग धुलाई का काम नियमों को ताक पर रखकर कराया जा रहा है। इसके लिए खेतों में बड़े और गहरे गड्ढे खोदकर उनमें पानी भर दिया जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक, पानी से मौरंग धोने के बाद उसका वजन बढ़ जाता है और धर्मकांटे पर तौल के दौरान वास्तविक मात्रा से अधिक वजन दर्ज होने का कथित खेल चलता है। ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर पुलिस और संबंधित विभाग के कुछ जिम्मेदार लोगों की कथित मिलीभगत का भी आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने मौरंग धुलाई के लिए खोदे गए गड्ढों को चिह्नित कर बंद कराने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दो बच्चों की मौत के बाद खुले और गहरे गड्ढों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

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