कानपुर के थाना कैंट निवासी मोनू जायसवाल (30) हत्याकांड में पुलिस खुलासे के करीब पहुंच गई है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है। संभावना है कि पुलिस शनिवार को इस घटना का विस्तृत खुलासा कर सकती है। मोनू जायसवाल, जो थाना कैंट के गोलाघाट नई बस्ती के रहने वाले ओमकैलाश के बेटे थे, रविवार रात करीब 7 बजे अपने दोस्त बापन पॉल के साथ शुक्लागंज गए थे। इसके बाद वह घर नहीं लौटे। परिजनों ने काफी खोजबीन की। सोमवार को परिजन थाना कैंट पहुंचे, जहां एफआईआर दर्ज कराने को लेकर पुलिस से उनकी नोकझोक भी हुई। मंगलवार सुबह, परिजन मृतक की फोटो लेकर उन्नाव की मराला पुलिस के पास पहुंचे, तब उन्हें लावारिस में भेजे गए एक शव की जानकारी मिली। इसके बाद उन्नाव पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों ने शव की शिनाख्त मोनू के रूप में की। मृतक के चाचा प्रभात कुमार ने बताया कि मोनू अपने खास दोस्त बापन पॉल के साथ रात में निकला था और फिर घर नहीं लौटा। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि दोनों जिलों (कानपुर और उन्नाव) की पुलिस उन्हें क्षेत्र का हवाला देकर लौटा रही थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के कारण उनके भतीजे का पोस्टमार्टम दूसरे दिन हुआ। प्रभात कुमार ने उन्नाव पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने पहले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन बाद में छोड़ दिया। उनके विरोध के बाद आरोपी को दोबारा पुलिस को सौंपा गया। उन्होंने यह भी बताया कि जब आरोपी को पहली बार पकड़ा गया था, तब उसने अलग कपड़े पहने हुए थे। मृतक मोनू जायसवाल की पत्नी अंतिमा जायसवाल सात माह की गर्भवती हैं। उन्होंने सरकार से अपील की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।


