टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के उद्देश्य से मोतिहारी स्थित भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी परिसर में 150 टीबी मरीजों को पोषण आहार किट वितरित की गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी सह रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष सौरभ सुमन यादव ने शनिवार को की। DM सौरभ सुमन यादव ने टीबी मरीजों के लिए रेडक्रॉस सोसाइटी की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीबी के उपचार में दवा के साथ पौष्टिक आहार की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आर्थिक रूप से कमजोर कई मरीज संतुलित भोजन के अभाव में बीमारी से पूरी तरह उबर नहीं पाते हैं, इसलिए ऐसे प्रयास भविष्य में भी जारी रहने चाहिए। टीबी मरीजों को गोद लेकर ‘निक्षय मित्र’ बनें इस अवसर पर रेडक्रॉस के कार्यकारी अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार भारती, कार्यकारी सदस्य सह सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. संजीव और आईएमए अध्यक्ष डॉ. आशुतोष शरण सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने मरीजों को पोषण पोटली वितरित की। जिलाधिकारी ने समाजसेवी संगठनों और विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक टीबी मरीजों को गोद लेकर ‘निक्षय मित्र’ बनें। उन्होंने जोर दिया कि मरीजों को पोषण संबंधी सहयोग उपलब्ध कराकर टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। टीबी मरीजों को पोषण उपलब्ध कराने का प्रयास आईएमए अध्यक्ष डॉ. आशुतोष शरण ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने बताया कि रेडक्रॉस और अन्य सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से भविष्य में भी बड़ी संख्या में टीबी मरीजों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रहेगा। जिलाधिकारी की अपील के बाद कई लोगों ने टीबी मरीजों को गोद लेने की घोषणा की। कौशल कुमार दुबे (अस्पताल प्रबंधन) ने पांच टीबी मरीजों को गोद लेकर पोषण पोटली उपलब्ध कराने का संकल्प लिया। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एसएन सत्यार्थी ने भी पांच मरीजों को गोद लिया। युवा उद्योगपति विशाल जायसवाल ने 25 टीबी मरीजों को गोद लेने की सहमति दी, जबकि टाटा मोटर्स के अमित जायसवाल और अभिषेक लोहिया ने भी टीबी मरीजों को गोद लेकर पोषण संबंधी सहयोग देने पर सहमति जताई। टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के उद्देश्य से मोतिहारी स्थित भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी परिसर में 150 टीबी मरीजों को पोषण आहार किट वितरित की गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी सह रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष सौरभ सुमन यादव ने शनिवार को की। DM सौरभ सुमन यादव ने टीबी मरीजों के लिए रेडक्रॉस सोसाइटी की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीबी के उपचार में दवा के साथ पौष्टिक आहार की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आर्थिक रूप से कमजोर कई मरीज संतुलित भोजन के अभाव में बीमारी से पूरी तरह उबर नहीं पाते हैं, इसलिए ऐसे प्रयास भविष्य में भी जारी रहने चाहिए। टीबी मरीजों को गोद लेकर ‘निक्षय मित्र’ बनें इस अवसर पर रेडक्रॉस के कार्यकारी अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार भारती, कार्यकारी सदस्य सह सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. संजीव और आईएमए अध्यक्ष डॉ. आशुतोष शरण सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने मरीजों को पोषण पोटली वितरित की। जिलाधिकारी ने समाजसेवी संगठनों और विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक टीबी मरीजों को गोद लेकर ‘निक्षय मित्र’ बनें। उन्होंने जोर दिया कि मरीजों को पोषण संबंधी सहयोग उपलब्ध कराकर टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। टीबी मरीजों को पोषण उपलब्ध कराने का प्रयास आईएमए अध्यक्ष डॉ. आशुतोष शरण ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने बताया कि रेडक्रॉस और अन्य सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से भविष्य में भी बड़ी संख्या में टीबी मरीजों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रहेगा। जिलाधिकारी की अपील के बाद कई लोगों ने टीबी मरीजों को गोद लेने की घोषणा की। कौशल कुमार दुबे (अस्पताल प्रबंधन) ने पांच टीबी मरीजों को गोद लेकर पोषण पोटली उपलब्ध कराने का संकल्प लिया। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एसएन सत्यार्थी ने भी पांच मरीजों को गोद लिया। युवा उद्योगपति विशाल जायसवाल ने 25 टीबी मरीजों को गोद लेने की सहमति दी, जबकि टाटा मोटर्स के अमित जायसवाल और अभिषेक लोहिया ने भी टीबी मरीजों को गोद लेकर पोषण संबंधी सहयोग देने पर सहमति जताई।


