‘अगर मृतक शिक्षक के परिवार का मददगार बना तो अंजाम शमशाद से भी बुरा होगा… मेरा बॉयफ्रेंड चमन बहुत जल्द जेल से बाहर आएगा, उसके बाद तुम्हारी हत्या निश्चित है।’ मोतिहारी के बंजरिया में शिक्षक शमशाद आलम हत्याकांड अब एक नई धमकी को लेकर चर्चा में है। शमशाद के परिवार की मदद कर रहे जफीरुल हक ने आरोप लगाया है कि उसे फोन कर हत्या की धमकी दी गई। जफीरुल का कहना है कि धमकी देने वाली महिला ने खुद को बंजरिया के पूर्व प्रमुख जफीर आजाद उर्फ चमन की गर्लफ्रेंड अख्तरी आरजू बताया। जफीरुल के आवेदन पर बंजरिया थाने में अख्तरी आरजू के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है। वहीं, जफीरुल ने अपनी सुरक्षा की भी मांग की है। उसका आरोप है कि 19 सितंबर की रात उसे दो बार फोन कर शमशाद के परिवार की मदद करने से रोकने और हत्या की धमकी दी गई। दो फोन कॉल में क्या कहा गया? जफीरुल हक के आवेदन के मुताबिक, 19 सितंबर की रात करीब 8 बजे उसके मोबाइल पर पहली कॉल आई। कॉल करने वाली महिला ने खुद को अख्तरी आरजू बताते हुए कहा कि वह जफीर आजाद उर्फ चमन की गर्लफ्रेंड है। जफीरुल का दावा है कि बातचीत के दौरान महिला ने अपने ब्याज के कारोबार का जिक्र किया और कहा कि बाजार में करोड़ों रुपये ब्याज पर चलते हैं। आवेदन में यह भी बताया गया है कि महिला ने पुलिस विभाग के इंस्पेक्टर रेंज के कई अधिकारियों, नेताओं, मीडिया कर्मियों, भू-माफिया और गैंगस्टरों से अपने संपर्क होने का दावा किया। उसने यह भी कहा कि उसने मोबाइल फोन के जरिए कई पदाधिकारियों को निलंबित कराया है। जफीरुल के मुताबिक, इसके बाद उसे शमशाद के परिवार की मदद करने से रोकते हुए कहा गया कि अगर वह मदद करता रहा तो उसका भी शमशाद जैसा अपहरण कराकर हत्या करा दी जाएगी। ‘एक महीने में जेल से बाहर आएगा चमन’ जफीरुल ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि फोन करने वाली महिला ने कहा कि उसका बॉयफ्रेंड जफीर आजाद उर्फ चमन जल्द ही न्यायालय में आत्मसमर्पण करेगा और करीब एक महीने में जेल से बाहर आ जाएगा। इसके बाद उसकी हत्या निश्चित है और उसकी मौत शमशाद से भी बुरी होगी। जफीरुल के अनुसार, पहली कॉल करीब 9 मिनट 17 सेकेंड तक चली। उसने फोन का स्पीकर ऑन कर रखा था, इसलिए आसपास मौजूद कई लोगों ने भी बातचीत सुनी। बातचीत के बाद लोगों ने उसे थाने में आवेदन देने की सलाह दी। इसके करीब 35 मिनट बाद रात 8:35 बजे फिर फोन आया। जफीरुल के मुताबिक, इस बार करीब 42 सेकेंड तक बातचीत हुई और दोबारा हत्या की धमकी दी गई। धमकी के बाद सोशल मीडिया पोस्ट का भी दावा जफीरुल ने आवेदन में फोन पर धमकी के अलावा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने का भी जिक्र किया है। उसके मुताबिक, अख्तरी आरजू के नाम से लगातार ऐसे पोस्ट किए जा रहे थे, जिनमें लिखा था- ‘टाइगर अभी जिंदा है’, ‘चाहे जेल होई, चाहे बेल होई, घर आयेंगे तो परसो से फिर उहे खेल होई’ और ‘COMEBAKE।’ जफीरुल का दावा है कि इन पोस्ट के बाद परिवार के लोग और ज्यादा भयभीत हो गए। उसने इन्हें भी धमकी से जोड़ते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग की। चार दिन बाद दर्ज हुई FIR जफीरुल के मुताबिक, धमकी मिलने के बाद उसने बंजरिया थाने में आवेदन दिया था। उसका आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज करने में चार दिन लग गए। आवेदन में यह भी कहा गया है कि बाद में पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के हस्तक्षेप के बाद FIR दर्ज की गई। पुलिस ने अख्तरी आरजू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है। फोन कॉल, सोशल मीडिया पोस्ट और लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धमकी किस परिस्थिति में दी गई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। क्या है शमशाद आलम हत्याकांड? बंजरिया थाना क्षेत्र के सिसवा में शिक्षक शमशाद आलम का स्कूल से घर लौटने के दौरान अपहरण कर लिया गया था। बाद में उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में बंजरिया के पूर्व प्रमुख जफीर आजाद उर्फ चमन समेत नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जफीर आजाद उर्फ चमन को मोतिहारी के नगर थाना क्षेत्र स्थित धर्म समाज रोड से गिरफ्तार किया था। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी की जा रही है। अब इसी हत्याकांड में पीड़ित परिवार की मदद कर रहे जफीरुल हक को मिली कथित धमकी ने जांच का एक नया पहलू सामने ला दिया है। पुलिस के सामने अब फोन कॉल, सोशल मीडिया पोस्ट और धमकी से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती है। ‘अगर मृतक शिक्षक के परिवार का मददगार बना तो अंजाम शमशाद से भी बुरा होगा… मेरा बॉयफ्रेंड चमन बहुत जल्द जेल से बाहर आएगा, उसके बाद तुम्हारी हत्या निश्चित है।’ मोतिहारी के बंजरिया में शिक्षक शमशाद आलम हत्याकांड अब एक नई धमकी को लेकर चर्चा में है। शमशाद के परिवार की मदद कर रहे जफीरुल हक ने आरोप लगाया है कि उसे फोन कर हत्या की धमकी दी गई। जफीरुल का कहना है कि धमकी देने वाली महिला ने खुद को बंजरिया के पूर्व प्रमुख जफीर आजाद उर्फ चमन की गर्लफ्रेंड अख्तरी आरजू बताया। जफीरुल के आवेदन पर बंजरिया थाने में अख्तरी आरजू के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है। वहीं, जफीरुल ने अपनी सुरक्षा की भी मांग की है। उसका आरोप है कि 19 सितंबर की रात उसे दो बार फोन कर शमशाद के परिवार की मदद करने से रोकने और हत्या की धमकी दी गई। दो फोन कॉल में क्या कहा गया? जफीरुल हक के आवेदन के मुताबिक, 19 सितंबर की रात करीब 8 बजे उसके मोबाइल पर पहली कॉल आई। कॉल करने वाली महिला ने खुद को अख्तरी आरजू बताते हुए कहा कि वह जफीर आजाद उर्फ चमन की गर्लफ्रेंड है। जफीरुल का दावा है कि बातचीत के दौरान महिला ने अपने ब्याज के कारोबार का जिक्र किया और कहा कि बाजार में करोड़ों रुपये ब्याज पर चलते हैं। आवेदन में यह भी बताया गया है कि महिला ने पुलिस विभाग के इंस्पेक्टर रेंज के कई अधिकारियों, नेताओं, मीडिया कर्मियों, भू-माफिया और गैंगस्टरों से अपने संपर्क होने का दावा किया। उसने यह भी कहा कि उसने मोबाइल फोन के जरिए कई पदाधिकारियों को निलंबित कराया है। जफीरुल के मुताबिक, इसके बाद उसे शमशाद के परिवार की मदद करने से रोकते हुए कहा गया कि अगर वह मदद करता रहा तो उसका भी शमशाद जैसा अपहरण कराकर हत्या करा दी जाएगी। ‘एक महीने में जेल से बाहर आएगा चमन’ जफीरुल ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि फोन करने वाली महिला ने कहा कि उसका बॉयफ्रेंड जफीर आजाद उर्फ चमन जल्द ही न्यायालय में आत्मसमर्पण करेगा और करीब एक महीने में जेल से बाहर आ जाएगा। इसके बाद उसकी हत्या निश्चित है और उसकी मौत शमशाद से भी बुरी होगी। जफीरुल के अनुसार, पहली कॉल करीब 9 मिनट 17 सेकेंड तक चली। उसने फोन का स्पीकर ऑन कर रखा था, इसलिए आसपास मौजूद कई लोगों ने भी बातचीत सुनी। बातचीत के बाद लोगों ने उसे थाने में आवेदन देने की सलाह दी। इसके करीब 35 मिनट बाद रात 8:35 बजे फिर फोन आया। जफीरुल के मुताबिक, इस बार करीब 42 सेकेंड तक बातचीत हुई और दोबारा हत्या की धमकी दी गई। धमकी के बाद सोशल मीडिया पोस्ट का भी दावा जफीरुल ने आवेदन में फोन पर धमकी के अलावा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने का भी जिक्र किया है। उसके मुताबिक, अख्तरी आरजू के नाम से लगातार ऐसे पोस्ट किए जा रहे थे, जिनमें लिखा था- ‘टाइगर अभी जिंदा है’, ‘चाहे जेल होई, चाहे बेल होई, घर आयेंगे तो परसो से फिर उहे खेल होई’ और ‘COMEBAKE।’ जफीरुल का दावा है कि इन पोस्ट के बाद परिवार के लोग और ज्यादा भयभीत हो गए। उसने इन्हें भी धमकी से जोड़ते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग की। चार दिन बाद दर्ज हुई FIR जफीरुल के मुताबिक, धमकी मिलने के बाद उसने बंजरिया थाने में आवेदन दिया था। उसका आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज करने में चार दिन लग गए। आवेदन में यह भी कहा गया है कि बाद में पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के हस्तक्षेप के बाद FIR दर्ज की गई। पुलिस ने अख्तरी आरजू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है। फोन कॉल, सोशल मीडिया पोस्ट और लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धमकी किस परिस्थिति में दी गई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। क्या है शमशाद आलम हत्याकांड? बंजरिया थाना क्षेत्र के सिसवा में शिक्षक शमशाद आलम का स्कूल से घर लौटने के दौरान अपहरण कर लिया गया था। बाद में उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में बंजरिया के पूर्व प्रमुख जफीर आजाद उर्फ चमन समेत नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जफीर आजाद उर्फ चमन को मोतिहारी के नगर थाना क्षेत्र स्थित धर्म समाज रोड से गिरफ्तार किया था। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी की जा रही है। अब इसी हत्याकांड में पीड़ित परिवार की मदद कर रहे जफीरुल हक को मिली कथित धमकी ने जांच का एक नया पहलू सामने ला दिया है। पुलिस के सामने अब फोन कॉल, सोशल मीडिया पोस्ट और धमकी से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती है।

